5 लाख रिश्वत लेते पकड़े गये ईपीएफओ अधिकारी को सजा,2022 ट्रैप मामले में कोर्ट ने पांच साल कैद और पांच लाख रुपये जुर्माना सुनाया
सागर। रिश्वत के मामले में गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुये तत्कालीन ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को दोषी करार देते हुये 5 वर्ष के कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा के बाद आरोपी सतीश कुमार को जेल भेज दिया गया है। जून 2022 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ईओडब्ल्यू सागर की टीम ने तत्कालीन क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सतीश कुमार को सनराइज टाउन स्थित उनके आवास पर 5 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुये रंगे हाथों ट्रैप किया था। सतीश कुमार ने सागर की प्रतिष्ठित बीड़ी निर्माता फर्म बीआर एंड कंपनी के स्वामी अनिरुद्ध पिंपलापुरे से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत बीड़ी फर्म में कार्यरत कर्मचारियों के पीएफ कटौती के सर्वे के बाद सामने आईं गड़बड़ियों को दुरुस्त करने और श्रम अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही नहीं करने के एवज में मांगी गई थी। मामले में ईओडब्ल्यू ने कार्यवाही कर मामला दर्ज किया। जांच पूरी होने पर कोर्ट में चालान पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट में पेश किये। सुनवाई करते हुये कोर्ट ने आरोपी सतीश कुमार को दोषी पाते हुये 5 साल की सजा सुनाई है। सजा के बाद आरोपी कोर्ट से मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकला, जहां से जेल भेजा गया।
5 लाख रिश्वत लेते पकड़े गये ईपीएफओ अधिकारी को सजा,2022 ट्रैप मामले में कोर्ट ने पांच साल कैद और पांच लाख रुपये जुर्माना सुनाया
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by Suraj Sen
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