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बंडा में जीएसटी अधिकारी के पैतृक मकान पर लोकायुक्त की कार्रवाई, 66 लाख रुपये से ज्यादा नकदी मिली

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बंडा में जीएसटी अधिकारी के पैतृक मकान पर लोकायुक्त की कार्रवाई, 66 लाख रुपये से ज्यादा नकदी मिली

20 सदस्यीय टीम ने सुबह 6 बजे शुरू की जांच, सोना-चांदी, प्लॉट की रजिस्ट्री और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले; बैंक खातों की पड़ताल जारी

सागर/बंडा। राज्य जीएसटी विभाग में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर कार्यरत मनीष जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त ने मंगलवार सुबह कार्रवाई की। जबलपुर से पहुंची टीम ने सागर जिले की बंडा तहसील में बरा चौराहा स्थित उनके पैतृक मकान की तलाशी लेकर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की।

लोकायुक्त की करीब 20 सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह 6 बजे मौके पर पहुंची। इस दल में डीएसपी के साथ निरीक्षक, महिला अधिकारी, पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए टीम अपने साथ एंबुलेंस भी लेकर पहुंची।

तलाशी के दौरान मकान से 66 लाख 8 हजार 10 रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सोना-चांदी, घरेलू सामान और जमीन से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर में मौजूद घरेलू सामान का अनुमानित मूल्य करीब 10 लाख रुपये, सोने की कीमत लगभग 6 लाख रुपये और चांदी की कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है। मकान का अनुमानित मूल्य लगभग 33 लाख रुपये आंका गया है।

जांच के दौरान बंडा क्षेत्र में प्लॉट होने से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। करीब एक हजार वर्गफीट के प्लॉटों के संबंध में दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। टीम को एक प्लॉट की लगभग 7 लाख रुपये की रजिस्ट्री मिलने की जानकारी भी मिली है। इसके साथ ही संपत्ति से संबंधित अन्य कागजात भी बरामद किए गए हैं।

लोकायुक्त की टीम अब मिले दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के साथ बैंक खातों और दूसरे वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी खंगाल रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य अधिकारी की ज्ञात आय और उनके नाम पर अर्जित संपत्ति के बीच अंतर का पता लगाना है।

फिलहाल, बंडा स्थित पैतृक आवास से मिले दस्तावेजों की जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अधिकारी के पास मिली संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुरूप है या नहीं।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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