होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
—
On:

सागर के मालथौन में सड़क हादसे में तेंदुए की मौत, एक साल में पांच वन्यजीवों ने गंवाई जान

सागर के मालथौन में सड़क ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

सागर के मालथौन में सड़क हादसे में तेंदुए की मौत, एक साल में पांच वन्यजीवों ने गंवाई जान

इटवा-बरोदिया के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के पास मिला शव, वन विभाग ने जांच के लिए नमूने जबलपुर भेजे; वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए NHAI से प्रभावी कदम उठाने की मांग

सागर/मालथौन। मालथौन वन परिक्षेत्र में तेंदुओं की मौत की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को इटवा-बरोदिया के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक एक तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई। प्रारंभिक जांच में विभाग ने मौत की वजह सड़क दुर्घटना होने की आशंका जताई है। दूसरी ओर, टोल प्रबंधन के एक अधिकारी ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि इटवा के पास सड़क से कुछ दूरी पर तेंदुआ मृत पड़ा है। जानकारी मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सागर भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, तेंदुए के शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें पाई गई हैं। मौत के कारणों की विस्तृत जांच के लिए आवश्यक नमूने जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

 एक साल में पांच तेंदुओं की मौत

वन परिक्षेत्र अधिकारी नीतेश सोनी ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में पांच तेंदुओं की जान जा चुकी है। इनमें से तीन घटनाएं मालथौन वन परिक्षेत्र में हुईं, जबकि दो मामले उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र में सामने आए। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए राजमार्ग पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाने की जरूरत है।

नीतेश सोनी के अनुसार, वाहनों की गति नियंत्रित करने और वन्यजीवों को सड़क हादसों से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पहले भी पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने मौजूदा मामले में शिकार की आशंका से इनकार किया है।

 तड़के वाहन की टक्कर लगने की आशंका

एसडीईओ जय प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तेंदुए की मौत सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच होने की संभावना है। आशंका है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद तेंदुआ सड़क से लगभग 10 मीटर दूर जा गिरा। मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के बाद नमूने जांच हेतु भेजे गए हैं।

 वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उपाय करने की मांग

तेंदुओं की लगातार हो रही मौतों के बीच जंगल की जमीन पर अतिक्रमण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर बढ़ते दबाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, तेंदुओं की मौत और अतिक्रमण के बीच किसी सीधे संबंध की अब तक पुष्टि नहीं हुई है।

वन्यजीवों को सड़क हादसों से बचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेतावनी संकेतक लगाने, वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण रखने और दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किस तरह के कदम उठाते हैं।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
प्रमुख खबरें
View All