जनपद की कई ग्राम पंचायतें सचिव विहीन, हितग्राही परेशान,अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रही व्यवस्था, विकास कार्य और योजनायें प्रभावित
सागर/मालथौन। सागर जिले के जनपद विकासखंड मालथौन की कई ग्राम पंचायतें लंबे समय से सचिव विहीन चल रही हैं। पंचायत सचिवों के रिक्त पदों के कारण विकास कार्यों और शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। जनपद क्षेत्र में लगातार पंचायत सचिवों के सेवानिवृत्त होने के बाद नये सचिवों की नियुक्ति नहीं होने से कई पद खाली पड़े हुये हैं। वर्तमान में करीब डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतें अतिरिक्त पंचायत सचिवों के प्रभार के भरोसे संचालित हो रही हैं। मालथौन विकासखंड के अंतर्गत कुल 54 ग्राम पंचायतें आती हैं। इनमें से सेमरलोधी, मढ़ैयामाफी, आसोली और तिगरा बुजुर्ग सहित कई पंचायतों में सचिव का पद पूरी तरह रिक्त है। इन पंचायतों में अभी तक किसी अन्य सचिव को अतिरिक्त प्रभार भी नहीं सौंपा गया है। वही जिन पंचायतों में अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से काम चलाया जा रहा है, वहां एक सचिव के पास दो पंचायतों की जिम्मेदारी होने से वह किसी भी पंचायत को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों के कामकाज पर पड़ रहा है। सचिवों की कमी के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं, प्रमाण पत्र, पंचायत संबंधी कार्यों और विकास कार्यों में देरी हो रही है। ग्रामीणों और हितग्राहियों को अपने कामों के लिये बार-बार पंचायत भवन और जनपद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इधर पंचायत जनप्रतिनिधि भी इस स्थिति से परेशान हैं। उनका कहना है कि सचिव नहीं होने के कारण ग्रामीणों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं और उन्हें ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द रिक्त पदों पर सचिवों की नियुक्ति अथवा स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान की ओर अधिकारियों द्वारा गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।








