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आरपीएफ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुये नानक वार्ड पार्षद एक अन्य युवक के साथ बैठे आमरण अनशन पर

आरपीएफ पर प्रताड़ना का आरोप ...

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आरपीएफ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुये नानक वार्ड पार्षद एक अन्य युवक के साथ बैठे आमरण अनशन पर
सागर/बीना। आरपीएफ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुये नानक वार्ड के पार्षद बीडी रजक और एक अन्य युवक शनिवार दोपहर से स्टेशन परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गये हैं। दोनों का आरोप है कि आरपीएफ ने उन पर जबरन झूठे मामले दर्ज किये हैं। पार्षद बीडी रजक ने आरोप लगाया कि रेलवे क्षेत्र में कथित अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं की शिकायत करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने रेलवे मंत्रालय, डीआरएम भोपाल और अन्य अधिकारियों को सड़क खुदाई और बाउंड्री वॉल निर्माण से संबंधित शिकायतें भेजी थीं। इन शिकायतों से नाराज अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर धमकाया। रजक के अनुसार 9 मई की रात आरपीएफ ने उन्हें पकड़कर मारपीट की, झूठे मामले में फंसाया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाये। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले आरपीएफ ने उनके खिलाफ चेन पुलिंग के मामले में धारा 141 के तहत कार्यवाही की थी। पार्षद ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत करीब 15 दिन पहले बीना जीआरपी में आवेदन देकर की थी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरपीएफ के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद जांच क्यों नहीं की जा रही है। आरपीएफ और सहायक अभियंता के खिलाफ कार्यवाही न होने से नाराज होकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया है। भीम वार्ड निवासी कृष्णा पिता पूरन सेन ने भी आरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाये हैं। फुल्की का ठेला लगाने वाले कृष्णा ने बताया कि कुछ दिन पहले जब वह रेलवे कॉलोनी से अपना ठेला लेकर निकल रहे थे, तब एक आरपीएफ जवान ने उनसे रेलवे कॉलोनी में ठेला लगाने के लिये प्रति माह सात सौ रुपये मांगे। कृष्णा के अनुसार जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कियाए तो जवान ने उनके साथ गाली गलौज की। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि आरपीएफ ने उनके खिलाफ रेल लाइन क्रॉस करने का झूठा मामला दर्ज कर लिया है। बीना आरपीएफ पोस्ट प्रभारी कमल सिंह ने बताया कि पार्षद जो आरोप लगा रहे हैं, वह सरासर गलत हैं। जो भी कार्यवाही की गई वह विधिवत की गई है। मामला न्यायालय में चल रहा है। बीना जीआरपी निरीक्षक बीबीएस परिहार ने बताया कि पार्षद ने जो आवेदन दिया है। इस मामले में पार्षद और आरपीएफ से बयान लिये जायेंगे। जो इस मामले की जांच कर रहे हैं वह फिलहाल छुट्टी पर है। जिसकी वजह से कार्यवाही में देरी हुई है।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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