गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन : लिमिट तय, बुकिंग के बीच बढ़ा इंतजार, बिना KYC अटक सकती है रिक्वेस्ट
देश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं। खाड़ी देशों में जारी तनाव का असर अब भारत की गैस सप्लाई पर भी नजर आने लगा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और तेल कंपनियां मिलकर नए नियम लागू कर रही हैं, ताकि गैस का वितरण सभी उपभोक्ताओं तक संतुलित तरीके से हो सके।
नए नियमों के तहत अब घरेलू उपभोक्ता एक महीने में अधिकतम दो एलपीजी सिलेंडर ही बुक कर सकेंगे। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के अनुसार, इससे ज्यादा बुकिंग करने पर सिस्टम अलर्ट हो सकता है और अतिरिक्त जांच की जा सकती है।
वहीं, सालाना कोटे की बात करें तो सरकार हर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के बीच 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता तीन और सिलेंडर बिना सब्सिडी के ले सकते हैं। इस तरह एक साल में कुल 15 सिलेंडर तक बुक करने की अनुमति है।
बुकिंग प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन में बुक किया जा सकता था, अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इसके साथ ही KYC अपडेट होना अब जरूरी कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं का KYC पूरा नहीं होगा, उन्हें बुकिंग में परेशानी आ सकती है या उनकी रिक्वेस्ट खारिज भी की जा सकती है।
अतिरिक्त सिलेंडर लेने के लिए BPCL ने नई प्रक्रिया शुरू की है। यदि कोई उपभोक्ता अपने सालाना 12 सिलेंडर का कोटा पूरा कर चुका है और फिर भी सिलेंडर लेना चाहता है, तो उसे ‘Hello BPCL’ ऐप के जरिए आवेदन करना होगा। इस दौरान उपभोक्ता से परिवार के सदस्यों की संख्या, घर में होने वाले कार्यक्रम या मेहमानों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर अतिरिक्त सिलेंडर की अनुमति दी जाएगी।
इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि गैस की संभावित कमी को देखते हुए 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर में गैस की मात्रा घटाकर करीब 10 किलोग्राम करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यदि ऐसा होता है तो कीमत में भी उसी अनुपात में बदलाव संभव है।
दरअसल, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित गैस से पूरा करता है, जिसमें खाड़ी देशों की अहम भूमिका है। वहां के मौजूदा हालात सप्लाई पर असर डाल रहे हैं। ऐसे में सरकार इन नए नियमों के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर उपभोक्ता तक गैस की उपलब्धता बनी रहे।








