सागर में बढ़ते अपराध पर सवाल: बेखौफ बदमाशों का आतंक, आम लोगों में डर का माहौल
सागर शहर में इन दिनों बढ़ते अपराध लोगों की चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। शहर में आए दिन मारपीट, चाकूबाजी, कटर से हमले और शराब के लिए पैसे नहीं देने पर विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार हो रही वारदातों के बाद अब लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ कम होता दिखाई दे रहा है।
शहर के मोतीनगर और कोतवाली थाना क्षेत्र अक्सर आपराधिक घटनाओं को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। खासतौर पर कोतवाली क्षेत्र के चकराघाट से गणेश घाट तक तालाब किनारे बने पाथवे पर शाम और रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई बार राहगीरों से पैसे मांगे जाते हैं, विरोध करने पर अभद्रता और मारपीट की घटनाएं भी होती हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
बढ़ती घटनाओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि युवा और कम उम्र के बच्चों में अपराध की प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है। जिन हाथों में किताबें और कॉपी होनी चाहिए, वहां हथियारों की चर्चा समाज के लिए चिंता का विषय बन रही है।
पुलिस को क्या करना चाहिए?
- संवेदनशील और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रात्रि गश्त बढ़ाई जाए।
- चकराघाट, गणेश घाट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की स्थायी निगरानी की व्यवस्था की जाए।
- असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई और नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाएं।
- सीसीटीवी निगरानी मजबूत कर अपराधियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम चलाए जाएं।
बढ़ते अपराध केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय हैं। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसे कदम उठाएं जिससे शहर में सुरक्षा का माहौल मजबूत हो सके।








