टमस, मंदाकिनी और जिगनाहट नदी का बढ़ा जलस्तर, धवारी-महादेवा मार्ग पर आवागमन बंद; चित्रकूट में रामघाट का प्लेटफॉर्म और 100 से अधिक दुकानें पानी में डूबीं
सतना। सतना जिले और चित्रकूट तराई क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में नदी-नालों का पानी तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। टमस, मंदाकिनी और जिगनाहट नदियां उफान पर हैं और कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
जिगनाहट नदी के उफान से धवारी-महादेवा मार्ग बंद
जिगनाहट नदी का जलस्तर बढ़ने से धवारी-महादेवा मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिसके चलते आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद मौके पर बैरिकेडिंग या पुलिस की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में कुछ लोग जोखिम उठाकर पानी के बीच से निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने और लोगों को खतरे वाले स्थानों पर जाने से रोकने की मांग की है।
टमस नदी में बढ़ी पानी की आवक
ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते नदियों में पानी तेजी से पहुंच रहा है। माधवगढ़ में टमस नदी में करीब 1600 क्यूमेक्स पानी की आवक दर्ज होने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के आसपास बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
चित्रकूट के सती अनसूया और आरोग्यधाम क्षेत्र में भी मंदाकिनी नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
मंदाकिनी ने पार किया खतरे का निशान
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 1.5 से 2 मीटर तक बढ़ गया है और यह खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते पानी के कारण रामघाट का पूरा प्लेटफॉर्म डूब गया है। घाट के आसपास मौजूद 100 से ज्यादा दुकानों में भी पानी भर गया है, जिससे कारोबारियों को नुकसान की आशंका है।
बाढ़ का असर इतना अधिक है कि पुरानी लंका तिराहे के आसपास सड़क पर भी पानी भर गया है और वहां नावें चलती दिखाई दे रही हैं। रामघाट की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब 5 फीट तक पानी बह रहा है।
भरतघाट-रामघाट रपटा भी 6 फीट से अधिक पानी में डूब चुका है, जिसके चलते उसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, गुप्त गोदावरी में पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगा दी गई है। जानकी चरण चिन्ह स्थल भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
रामघाट क्षेत्र में पुलिस तैनात, रास्तों पर बैरिकेडिंग
चित्रकूट और रामघाट क्षेत्र में प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। रामघाट जाने वाले दोनों मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों तथा श्रद्धालुओं को उफनती नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर जाने से रोक रही हैं।
प्रशासनिक अमला लगातार हालात पर नजर रख रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों, नदी और घाटों के आसपास जाने से बचें और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।








