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एक साल पहले पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन मस्तानी एन-6 ने दिया 4 शावकों को जन्म रिजर्व में बढ़ा बाघों का कुनबा पहुंचा 30 के पार

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एक साल पहले पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन मस्तानी एन-6 ने दिया 4 शावकों को जन्म रिजर्व में बढ़ा बाघों का कुनबा पहुंचा 30 के पार

खुशखबर -वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में खुशी का माहौल बाघों की संख्या पहुंची 30 के पार निगरानी सुरक्षा पर है शावक लोकेशन जारी करने से बनाई दूरी 

विशाल रजक / तेंदूखेड़ा। बाघों की उपस्थिति सहित भेड़ियों के प्राकृतिक आवास और पक्षियों के अनुकूल होने के चलते विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहे वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सोमवार की सुबह एक गुफा के बाहर बाघिन के साथ चार शावक देखे गया है गश्ती दल ने उन्हें कैमरे में कैद कर लिया। यह बाघिन-एन 6 है जिसका नाम मस्तानी है जिसे एक साल पहले पेंच टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू करके यहां लाया गया था। बाधिन व शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं। दो साल शावकों के विकास के लिए चुनौतीपूर्ण रहते हैं निगरानी के लिए आसपास ट्रैकर कैमरे लगाए हैं। चार शावकों के जन्म के साथ टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा 30 के पार पहुंच गया है बताया जा रहा है कि चारों शावकों को एक ही बाघिन एन-6 ने जन्म दिया है हालांकि टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने सुरक्षा की दृष्टि से इनकी लोकेशन सहित फोटो आदि जारी करने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि चारों शावक स्वस्थ है और अपनी मां के साथ सुरक्षित टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगल को समझ रहे हैं 

 वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व : एक बार में 3 से 4 शावकों का हुआ जन्म, 65 फीसदी संख्या बाधिन की

एक साल 2018 में ढाई साल की बाघिन को नौरादेही अभयारण्य (अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) लाया गया था। यह पहला मौका था जब किसी बाधिन ने यहां कदम रखा था। इसके पहले तक यहां पन्ना के बाघ आते-जाते रहे हैं बाधिन राधा एन-1 से वंशवृद्धि के लिए दो माह बाद बांधवगढ़ से साढ़े तीन साल का एक बाघ किशन एन-2 यहां लाया गया। एक साल बाद खुशखबरी आई

बाधिन राधा ने पहली बार मई 2019 में तीन शावकों को जन्म दिया। इनमें दो मादा और एक नर था। बाधिन राधा की बेटियां भी बाघों का कुनबा बढ़ा रही हैं। एक बार में 3-4 शावकों को जन्म दे रही हैं। आखिरी बार वंशवृद्धि की खबर एक साल पहले मिली थी, जब बाधिन एन-112 अपने 4 शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई थी। टाइगर रिजर्व में करीब 65 फीसदी संख्या बाघिनों की बताई जा रही हैं

 बनाया गया विशेष सुरक्षा घेरा

वहीं दूसरी ओर वन अमले द्वार बाघों की सुरक्षा को शत प्रतिशत करने के लिए विशेष सुरक्षा घेरा भी बनाया है। जिसमें प्रशिक्षित लोगों के साथ 150 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात है। हालाकि अन्य कोई भी जानकारी फिलहाल सुरक्षा कारणों से सामने नहीं लाई जा रही है लेकिन फिलहाल वन अमला बढ़ते कुनवे को लेकर प्रसन्न और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त है

सभी छह रेंज में घूम रहे बाघ

विभागीय जानकारी के अनुसार वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कुल छह रेंज है और इन सभी रेंज में बाघ विचरण कर रहे हैं वन विभाग को सभी रेंज में मिले बाघों के पदचिन्ह इसकी पुष्टि कर रहे हैं। यहां धीरे-धीरे पर्यटन का विस्तार हो रहा है। तीन साल से सफारी भी शुरू हो गई है बाघों के लिए अनुकूल बने टाइगर रिजर्व में अब और ज्यादा तेजी से बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है वहीं बाघों की संख्या बढ़ने के बाद यहां टूरिज्म की भी काफी संभावनाएं है। पर्यटकों को बाघ दिखेंगे तो यहां आने वालों की तादाद भी बढ़ेगी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन को पर्यटकों के लिए कुछ सुविधाएं बढ़ानी होंगी आसपास स्टे होम्सए सफारी वाहन और हवाई सेवा की सुविधा मिले तो यहां देश-विदेश से टूरिस्ट आएंगे

अगले 5 साल में 50 तक पहुंच सकती है बाघों की संख्या, बाहरी बाघों का भी मूवमेंट

टाइगर रिजर्व के रिटायर्ड एसडीओ सेवाराम मलिक ने बताया कि मदर ऑफ टाइगर रिजर्व राधा और उसकी दो बेटियों के बाद पेंच से लाई गई एक और बाधिन से वंशवृद्धि के अच्छे संकेत हैं। पिछले 8 साल में बाघ संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां बाघों को पर्याप्त आहार व बढ़ते जल स्त्रोतों के साथ आवास के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है। उम्मीद है कि अगले 5 साल में यहां बाघों की संख्या 50 तक पहुंच जाएगी। दमोह सागर व नरसिंहपुर को मिलाकर तीन जिलों में 2339 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए 1414 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र संरक्षित कर कोर एरिया घोषित किया गया है। हर एक के हिस्से में लगभग 59 वर्ग किलोमीटर का एरिया आता है

इनका कहना

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रजनीश सिंह ने बताया कि पेंच से लाई गई इस बाघिन ने पहली बार बच्चों को जन्म दिया है। टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए काफी अनुकूल माहौल है। यही बाघ वंशवृद्धि का बड़ा कारण हैं। बाघिन व शावकों की निगरानी बढ़ा दी गई है

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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