भोजशाला पर फैसले का विभिन्न संगठनों एवं समाजसेवियों ने किया स्वागत कानून व्यवस्था और सत्य की जीत बताई
रिपोर्ट – विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर को वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर मानने संबंधी दिए गए फैसले के बाद तेंदूखेड़ा नगर में भी विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नगर में लोगों ने निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं शांति और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की गई। स्थानीय स्तर पर धार्मिक संगठनों और समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि भोजशाला लंबे समय से आस्था और इतिहास का विषय रहा है। न्यायालय के निर्णय के बाद लोगों ने निर्णय का स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और इसे सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला बताया नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए सभी पक्षों को शांति बनाए रखनी चाहिए। नगर में प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा न करने की अपील की गई है। कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना है।
इंदौर हाई कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक है भोजशाला हमेशा से मां वाग्देवी का मंदिर और ज्ञान का केंद्र रही है। कानूनी रूप से इसकी पुष्टि होना न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत की जीत है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान है जो वर्षों से इसके न्यायोचित गौरव की प्रतीक्षा कर रहे थे अब वहां नियमित पूजा, अर्चना का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए
कपिल गोटियां वरिष्ठ समाजसेवी तेंदूखेड़ा
एक युवा होने के नाते हमें अपनी प्राचीन धरोहरों पर गर्व है। भोजशाला को राजा भोज के समय से ही शिक्षा और संस्कृति का मंदिर माना जाता रहा है। हाई कोर्ट के इस फैसले से हमारी आने वाली पीढी को अपने वास्तविक इतिहास को जानने और समझने का अवसर मिलेगा। यह फैसला सामाजिक समरसता और ऐतिहासिक सत्य को पुनर्स्थापित करने वाला है
राहुल सिंह लोधी युवा समाजसेवी तेंदूखेड़ा
न्यायालय का फैसला साक्ष्यों और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित प्रतीत होता है। जब भी किसी पुरातात्विक स्थल को लेकर विवाद होता है, तो वैज्ञानिक पद्धति ही सत्य को सामने लाती है। हाई कोर्ट का निर्णय स्पष्ट करता है कि मंदिर के अस्तित्व को नकारा नहीं जा सकता। यह कानून व्यवस्था और सत्य की जीत है
भूपेंद्र सोनी जिला सामाजिक समरसता प्रमुख विश्व हिंदू परिषद तेन्दूखेड़ा
यह सत्य की विजय है भोजशाला में मां सरस्वती वाग्देवी का वास है और इसे मंदिर के रूप में स्वीकार करना न्यायोचित है इस फैसले ने सनातन समाज को गौरवान्वित किया है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि अब बिना किसी अवरोध के वहां धार्मिक परंपराओं का निर्वहन हो सकेगा
विदित सिंह तोमर प्रखंड अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल तेंदूखेड़ा








