निर्माणाधीन सी एम राइज में मजदूरो के साथ किया जा रहा था अत्याचार सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची 112 ने सुलझाया मामला
तेंदुखेड़ा। तेन्दूखेड़ा के समीप सागर स्टेट हाईवे 15 पर स्थित ग्राम बम्होरी में आईटीआई के सामने करोड़ों की लागत से सीएम राइज स्कूल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जहां बिल्डिंग में हर काम के लिए अलग अलग मजदूर काम कर रहे हैं लेकिन यहां पर मजदूरों के साथ अत्याचार किया जा रहा था यहां पर ग्राम रोड तहसील जबेरा के तीन मज़दूर काम करने के लिए आए हुए थे जहां उन्होंने चार दिन काम किया ओर उन्हें साइड ठीक नही लगी जिससे वे घर जाना चाह रहे थे लेकिन साइड इंचार्ज राम नाथ पटेल के द्वारा उनका सामान नही दिया जा रहा था।आज सुंबह करीब 11 बजे पीड़ितों ने तेंदूखेड़ा में रह रहे अपने रिश्तेदारों इसकी सूचना दी जहां तेंदूखेड़ा में रहने वाले मजदूर के रिश्तेदार नवनिर्माण सीएम राइज स्कूल की बिल्डिंग में पहुंचे जहां उन्होंने साइड इंचार्ज राम नाथ पटेल से बात की और कार्य कर रहे मजदूर को घर जाने को कहा लेकिन ने रिश्तेदारों की नही मानी जिसके बाद पीड़ित मजदूर ने112 डायल किया जहां मौके पर पुलिस पहुची तो पीड़ित ने बताया कि मेरा नाम भोला रैकवार मेरा बेटा अभिषेक रैकवार ओर मेरे मित्र दसरथ पटेल है और हम तीन मजदूर ग्राम रोढ से काम करने आये थे चार दिन काम किया फिर हमारा मन नही किया काम करने का तो हम घर जाना चाहते हैं लेकिन हमें हमारा समान नही दिया जा रहा है,साइड इंचार्च ने कहा है कि ठेकेदार गोबिंद यादव ने आपका पैसा लिया है इसलिय हम आपका समान नही देगे।हम लोगो को सिर्फ पांच सौ रुपये दिए गए है बाकी हमको ओर पैसे चाहिए मगर हम वो भी छोड़ रहे हैं आप हमारा सामान दिला दें बस पुलिस ने सम्बंधित ठेकेदार गोबिंद यादव से फोन पर बात की तो उसने कहा कि हमने जो पैसा लिया है उसको हम ही कम्पनी को लौटाएगे इन मजदूरो को जाने दो।फिर पुलिस ने साइड इंचार्ज राम नाथ पटेल के सामने उनका सामान पांच किलो आटा,चावल, कन्नी कुछ कम्बल बर्तन हसिए आदि को चेक करवाया और उनको जाने दिया।इस तरह बंधक बनाए गए मजदूरो को पुलिस की मदद से छुड़ाया गया।भगवती मानव कल्याण संगठन के सम्भागीय अध्यक्ष सुजान सिंह ने बताया है कि इस बिल्डिंग में कार्यरत मजदूरों के साथ अन्याय होता रहा है पिछले दिनों किसी ठेकेदार ने मजदूरों का पैसा खा लिया था उसमें भी तेंदूखेड़ा पुलिस को सामने आना पड़ा था।
इस साइड पर मजदूरो के लिये जरूरी सुरक्षा के लिहाज से साधन नही है उनके पास दस्ताने नही है ना ही हेलमेट है और ना ही जूते हैं।मजदूरो का बीमा भी नही कराया गया है मौके पर मेडिकल की जरूरत पड़ जाए तो प्राथमिक इलाज की कोई व्यवस्था भी नही है इस स्कूल की बिल्डिंग तीन मंजिला है काम तीनो मंजिलों पर चल रहा है सुरक्षा के कोई इंतजाम नही है यहां पर मजदूरों को बंधक बनाकर उनका शोषण किया जा रहा है और उनकी जान के साथ खिलबाड़ किया जा रहा है। मजदूरों के साथ अन्याय और अत्याचार किया जा रहा है उस की ब्यपक जाच एवं छान बिन होनी चाहिए








