जबड़े में थी 6 माह की मासूम, मौत से लड़ गई मां – सियार से भिड़कर छीन लाई बेटी
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से लगे दुधिया गांव में सुबह 5 बजे की घटना, खूंखार सियार ने घर में घुसकर किया हमला
रिपोर्ट विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। मां की ममता के आगे जंगल का खूंखार जानवर भी हार गया। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सर्रा वन परिक्षेत्र से लगे दुधिया गांव में गुरुवार सुबह एक जंगली सियार 6 माह की मासूम बच्ची को जबड़े में दबाकर जंगल ले जा रहा था, लेकिन मां ने मौत को मात देकर अपनी बेटी को उसके जबड़े से छीन लिया। इस संघर्ष में मां और मासूम दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
खुला दरवाजा बना हमले की वजह
घटना गुरुवार सुबह 5 बजे की है। दुधिया निवासी सुनील परदी के परिवार के सभी लोग घर में सो रहे थे। परिवार का एक सदस्य निस्तार के लिए बाहर गया और दरवाजा खुला छोड़ दिया। इसी दौरान जंगल से भटका एक सियार घर के अंदर घुस आया। अंदर कमरे में सुनील की पत्नी सपना (29) अपनी 6 माह की बेटी प्रियंका के साथ सो रही थी। सियार ने सो रही मासूम पर झपट्टा मारा और उसे मुंह में दबाकर बाहर भागने लगा। बच्ची की चीख सुनकर मां की नींद खुली तो देखा सियार उसकी बेटी को जबड़े में जकड़े हुए है।
बेटी को छुड़ाया तो मां पर टूट पड़ा सियार
मां ने एक पल भी नहीं गंवाया और अपनी जान की परवाह किए बिना सियार से भिड़ गई। वह सियार के मुंह से बेटी को खींचने लगी। काफी जद्दोजहद के बाद सियार ने बच्ची को छोड़ दिया, लेकिन गुस्से में उसने मां पर हमला कर दिया। उसने अपने नुकीले दांतों से सपना के हाथ, पैर और शरीर को कई जगह नोंच डाला। मां लहूलुहान होने के बाद भी सियार से जूझती रही और जोर-जोर से शोर मचाती रही। शोर सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब जाकर सियार जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई।
सिर में गहरे जख्म, जबलपुर रेफर
हमले में 6 माह की प्रियंका के सिर, चेहरे और गर्दन पर सियार के दांतों के गहरे निशान और गंभीर घाव हैं। वहीं मां सपना भी बुरी तरह जख्मी है। परिजन दोनों को पहले सर्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, वहां से तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर हालत गंभीर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन बच्ची को विशेष निगरानी में रखा गया है। परिजनों का कहना है कि सियार पागल था
वन विभाग की टीम जबलपुर तक साथ, एसडीएम ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश
सूचना मिलते ही सर्रा वन परिक्षेत्र की वन विभाग की टीम तेंदूखेड़ा अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम घायलों के साथ जबलपुर तक गई है
वहीं तेंदूखेड़ा एसडीएम सी.जी. गोस्वामी भी अस्पताल पहुंचे और घायल मां-बेटी का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और कहा कि वन क्षेत्रों से लगे गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग के साथ संयुक्त बैठक की जाएगी।
पीड़िता बोली – जबड़े में दबाकर ले जा रहा था
घायल सपना ने बताया, “मैं बेटी के साथ सो रही थी, अचानक सियार आया और बेटी को जबड़े में दबा लिया। मैंने उसे बचाने की कोशिश की तो उसने मुझ पर भी हमला कर दिया। मैं लगातार उससे लड़ती रही, तब तक गांव वाले आ गए
रेंजर बोले – मां-बेटी खतरे से बाहर, ग्रामीण सतर्क रहें
इस संबंध में सर्रा रेंजर संजीव रंजन ने कहा कि मां-बेटी अब खतरे से बाहर हैं और जबलपुर में उनका इलाज चल रहा है। हमारी टीम भी साथ में है घायलों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरी मदद और बेहतर इलाज कराया जाएगा
रेंजर ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं, खेतों में रात के समय विशेष सतर्कता बरतें और समूह में ही आवागमन करें। यदि किसी को पागल सियार दिखाई दे या वह गांव के आसपास घूमता नजर आए तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उसे पकड़ा जा सके और बड़ी घटना को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने रात के वक्त दरवाजे बंद कर सोने की सलाह दी है
पागल सियारों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत
इधर दुधिया गांव के लोगों ने बताया कि टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में सियार पागल हो गए हैं, जो आए दिन मवेशियों पर भी हमला कर देते हैं। आसपास के अन्य गांवों में भी सियार के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं ग्रामीणों ने पागल सियारों को पकड़कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों चारों ओर सियार के हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं








