( सागर ) स्कूल की गलती, छात्र की सजा ! जन्मतिथि सुधार के लिए तीन महीने से दर-दर भटक रहा छात्र…
सागर। राहतगढ़ विकासखंड के कनेरा नीखर हाई स्कूल का 17 वर्षीय छात्र प्रशांत कटारे पिछले तीन महीनों से अपनी अंकसूची में जन्मतिथि सुधार के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे वह अपने पिता के साथ सागर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।
प्रशांत ने बताया कि उसने कक्षा 10वीं की परीक्षा 2024-25 में नियमित छात्र के रूप में दी थी। परीक्षा आवेदन पत्र स्कूल से भरा गया, जिसमें उसकी सही जन्मतिथि 27 फरवरी 2008 अंकित थी। लेकिन जब प्रवेश पत्र आया तो जन्मतिथि 28 फरवरी 2008 दर्ज पाई गई। परीक्षा परिणाम आने के बाद अंकसूची में भी यही गलत तारीख रही।
छात्र का कहना है कि गलती स्कूल की है, क्योंकि फॉर्म भरते समय उसने सही जानकारी दी थी। “मैंने तुरंत प्राचार्य को सुधार के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हुआ,” प्रशांत ने कहा।
पांच हजार रुपये की मांग का आरोप
प्रशांत का आरोप है कि प्राचार्य ने उसे बताया कि सुधार केवल भोपाल से हो सकता है और इसके लिए 5,000 रुपये खर्च आएगा। “मैं गरीब परिवार से हूं, मेहनत मजदूरी करके पढ़ाई कर रहा हूं, इतने पैसे देना मेरे लिए संभव नहीं है। गलती मेरी नहीं, स्कूल की है, फिर मुझसे पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं,” प्रशांत ने कहा।
पढ़ाई पर पड़ा असर
गलत जन्मतिथि के कारण प्रशांत को कक्षा 11वीं में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। कई बार स्कूल और शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उसने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
छात्र ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उसकी जन्मतिथि में सुधार कर उसे नई अंकसूची जारी की जाए, ताकि उसका भविष्य अंधकारमय न हो। साथ ही, प्राचार्य के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए








