सागर। गरीबी जब बीमारी से टकराती है, तो हालात इंसान को तोड़कर रख देते हैं। जैसीनगर का एक बेटा इन दिनों उसी दर्द से गुजर रहा है, जो अपनी माँ की ज़िंदगी बचाने के लिए समाज से मदद की गुहार लगा रहा है।….
दरअसल जैसीनगर का रहने वाला हरिओम पटेल पिता दयाशंकर पटेल अपनी बीमार माँ को बचाने के लिए आज समाज से मदद मांग रहा है। हरिओम की माँ पिछले दो महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और भोपाल एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि उनका हार्ट ट्रांसप्लांट करना ज़रूरी है, जिसका खर्च करीब 10 लाख रुपये है।

लेकिन गरीब परिवार के लिए यह रकम किसी पहाड़ से कम नहीं। घर की आर्थिक हालत पहले से ही दयनीय है, जो कुछ जमा-पूंजी थी, वह पहले के इलाज में ही खर्च हो चुकी है। अब हालात ऐसे हैं कि बेटे के पास माँ की धड़कनें बचाने के लिए सिर्फ समाज का सहारा ही बचा है।

हरिओम ने रोते हुए कहा…..
“गरीबी में इंसान की मजबूरी ही सबसे बड़ा दर्द है। मेरी माँ की सांसें मुझसे मदद मांग रही हैं, लेकिन मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं। आप सबका छोटा-सा सहयोग भी मेरी माँ के लिए नया जीवन बन सकता है।”
एक बेटे की मजबूरी आज इंसानियत से सहारा मांग रही है। आपका छोटा-सा योगदान उसकी माँ की साँसों को नया जीवन दे सकता है। आइए, मिलकर उस माँ की धड़कनों को थमने न दें।









