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हादसा होते ही इलाज शुरू करें अस्पताल, मना करने पर लाइसेंस रद्द – कलेक्टर संदीप जी.आर

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हादसा होते ही इलाज शुरू करें अस्पताल, मना करने पर लाइसेंस रद्द – कलेक्टर संदीप जी.आर

सागर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम राहत योजना’ (PM Rahat Scheme) को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग को स्पष्ट किया कि जिले की सीमा के भीतर होने वाले किसी भी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को इस योजना के तहत तत्काल ‘कैशलेस’ (नकदी रहित) उपचार मिलना सुनिश्चित किया जाए।

योजना के मुख्य प्रावधान और कलेक्टर के निर्देश

1.5 लाख रुपये तक का कवरेज:  कलेक्टर श्री संदीप जी आर  ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को निर्देशित किया कि जिले के सभी चिह्नित सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों के लिए 1.5 लाख रुपये तक के वित्तीय कवरेज की सुविधा बिना किसी देरी के प्रदान की जाए।

गोल्डन आवर (7 दिन का समय): योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक का उपचार पूरी तरह निशुल्क रहेगा।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अस्पताल प्रबंधन घायल के आते ही उपचार शुरू करें, कागजी कार्रवाई के लिए इलाज में देरी न की जाए।

अस्पतालों का अनिवार्य सहयोग: कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने कहा कि यदि कोई सूचीबद्ध निजी अस्पताल योजना के तहत घायल का इलाज करने से मना करता है, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और एम्बुलेंस समन्वय: पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम ‘पीएम राहत योजना’ से संबद्ध अस्पताल को सूचित करें ताकि मरीज के पहुँचते ही ‘कैशलेस’ सुविधा सक्रिय हो सके।

कलेक्टर का संदेश

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती समय सबसे कीमती होता है। ‘पीएम राहत योजना’ का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर कर जीवन बचाना है। सागर जिले में हम एक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं जहाँ दुर्घटना पीड़ित को देश का नागरिक होने के नाते बिना किसी अग्रिम भुगतान के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा मिले।”

नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

पात्रता: देश के किसी भी हिस्से में सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
प्रक्रिया: घायल को अस्पताल ले जाने पर केवल दुर्घटना की जानकारी और प्राथमिक पहचान देनी होगी, जिसके बाद अस्पताल पोर्टल के माध्यम से त्वरित क्लेम दर्ज करेगा।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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