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सागर : लोक सेवा केंद्र से जारी जन्म प्रमाण पत्र में 24 वर्षीय युवक 14 माह का

सागर : लोक सेवा केंद्र ...

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सागर : लोक सेवा केंद्र से जारी जन्म प्रमाण पत्र में 24 वर्षीय युवक 14 माह का
सागर/खुरई। लोक सेवा केंद्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 24 वर्षीय युवक का जन्म प्रमाण पत्र गलत तरीके से जारी कर दिया गया। इस प्रमाण पत्र में उसकी आयु मात्र एक वर्ष दो माह दर्शाई गई है, जिससे युवक का भविष्य अधर में लटक गया है। जानकारी के अनुसार खिमलासा निवासी अंकित साहू ने नौकरी के लिये आवेदन करने के लिये लोक सेवा केंद्र खुरई में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिये आवेदन किया था। आरोप है कि केंद्र संचालक ने फर्जी चालान का उपयोग कर, बिना उचित सत्यापन के यह प्रमाण पत्र जारी कर दिया। हैरानी की बात यह है कि यह प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर और शासकीय सील के साथ जारी हुआ है। पीड़ित युवक अंकित साहू ने बताया कि वह 24 साल का है, लेकिन प्रमाण पत्र में उसे एक साल दो महीने का बच्चा बना दिया गया है। इस गंभीर त्रुटि के कारण वह न तो नौकरी के लिये आवेदन कर पा रहा है और न ही कोई अन्य आवश्यक कार्य निपटा पा रहा है। अंकित ने बताया कि 7 फरवरी 2026 को जन्म पंजीयन आदेश बनवाने के लिये वह लोक सेवा केंद्र गया था। पंजीयन के बाद उसे रसीद नहीं दी गई। बाद में जब जन्म पंजीयन आदेश मिला, तो उसमें जन्मतिथि 29 जून 2004 की जगह 29 जून 2024 दर्ज थी। इस गलती को सुधारने के लिये तहसील कार्यालय और लोक सेवा केंद्र में कई बार आवेदन दिये, अब तक न तो दस्तावेज में सुधार किया है और न ही लोक सेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ कोई कार्यवाही की है। युवक अधिकारियों के पास लगातार भटक रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि सरकारी डिजिटल साइन और सील का उपयोग ऐसे दस्तावेज पर कैसे हुआ, जिसकी जानकारी और सत्यापन संदिग्ध बताया जा रहा है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमित साहू के नाम का फर्जी चालान बनाया गया है। पीड़ित युवक ने बताया कि लगातार उपेक्षा और टालमटोल से मानसिक तनाव में हूं। उसका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो उसका भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो जायेगा। वह पेट्रोल जलाकर समय खर्च कर चक्कर काट रहा प्रशासनिक अधिकारियों के लेकिन नतीजा जीरो है। वह आर्थिक रूप से परेशान है, ऊपर से इन लोगों ने और ज्यादा परेशान कर दिया। नायब तहसीलदार सुरेश सोनी का कहना है कि मेरे कार्यालय से 2004 ही लिखकर भेजा गया था। वहीं से गलती हुई है और 2024 लिखा गया है। साथ ही मेरे नाम से जो डिजिटल सील से जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इस मामले की जांच कर कार्यवाही की जायेगी।

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