मध्य प्रदेश में ईंधन आपूर्ति पर सरकार की कड़ी नजर, मंत्रियों की समिति गठित
भोपाल। राज्य में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में हालात की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी अफवाह या घबराहट का माहौल न बने।
ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बेहतर समन्वय के लिए राज्य सरकार ने तीन मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई है। इस समिति में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को शामिल किया गया है। समिति केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखेगी।
कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई में भी कोई बाधा नहीं है। कमर्शियल गैस के स्टॉक की बात करें तो रिटेलर्स के पास लगभग दो दिन का भंडार उपलब्ध है, जबकि तेल कंपनियों के पास करीब सात दिन का स्टॉक मौजूद है।
विभाग ने सभी कलेक्टरों और कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे कमर्शियल गैस के संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं से संवाद बनाए रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आपूर्ति व्यवस्था सुचारू ढंग से संचालित की जा सके।








