ट्राली हटाने के विवाद में युवक की बेरहमी से हत्या, चाकुओं से किए गए ताबड़तोड़ वार
इटारसी। शहर की न्यास कॉलोनी स्थित ओझा बस्ती में शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात एक मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया। सड़क पर खड़ी ट्राली हटाने को लेकर शुरू हुए झगड़े में एक युवक पर चाकुओं से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना के बाद मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए और थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि हत्या में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, इसलिए सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। काफी देर तक चली समझाइश के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
ट्राली हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भाट मोहल्ला निवासी जयदीप उर्फ बंटा भाट शनिवार रात अपनी मुंहबोली बहन के घर ओझा बस्ती आया हुआ था। बताया जा रहा है कि उसकी बहन अपना मकान खाली कर दूसरी जगह रहने की तैयारी कर रही थी, इसलिए घर का सामान ट्राली में रखा जा रहा था।
इसी दौरान रात करीब डेढ़ बजे मनोज ठाकुर वहां पहुंचा और सड़क पर खड़ी ट्राली को हटाने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसके बाद मनोज अपने साथियों के साथ जयदीप को रेलवे लाइन के पास बने मंदिर के पास ले गया, जहां उस पर चाकुओं से लगातार हमला किया गया।
मदद के लिए चीखता रहा युवक
स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात अचानक मोहल्ले में शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनाई दी। घायल युवक मदद के लिए आवाज लगा रहा था, लेकिन घटना की भयावहता के कारण कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
परिजनों का कहना है कि जयदीप ट्रेनों में अखबार बेचकर परिवार का गुजारा करता था। उनका दावा है कि उस पर इतनी बेरहमी से हमला किया गया कि उसकी जेब में रखे नोट भी चाकुओं से कट गए। परिवार के मुताबिक युवक के शरीर पर सौ से अधिक घाव थे, हालांकि पुलिस का कहना है कि घावों की सही संख्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन आरोपी पुलिस हिरासत में
मामले की जानकारी देते हुए टीआई गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि हत्या के इस मामले में मुख्य आरोपी मनोज ठाकुर सहित तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
वहीं मृतक के भाई अमन और मां बिट्टी का आरोप है कि इस वारदात में करीब एक दर्जन लोग शामिल थे। उनका कहना है कि घटना से पहले भी कुछ लोग उनके घर आकर धमकी दे चुके थे।
प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच ब्याज के पैसों के लेन-देन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा।








