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मां कर्मा देवी जयंती पर सामूहिक विवाह सम्मेलन, 11 जोड़ों ने लिए सात फेरे; पद्माकर सभागार से निकली भव्य बारात

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मां कर्मा देवी जयंती पर सामूहिक विवाह सम्मेलन, 11 जोड़ों ने लिए सात फेरे; पद्माकर सभागार से निकली भव्य बारात

सागर। भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी जयंती महोत्सव के अवसर पर साहू समाज युवा मंडल द्वारा रविवार को चौथा निःशुल्क आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर 11 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन में सामाजिक एकता, पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे पद्माकर सभागार मोतीनगर से भव्य बारात के साथ हुई। बैंड-बाजों की मधुर धुनों के बीच निकली बारात में सभी 11 दूल्हे घोड़ों पर सवार होकर पहुंचे। बारात में दूल्हों के परिजन, समाज के महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर नाचते-गाते हुए बारात के साथ चल रहे थे, जिससे पूरे मार्ग में उत्सव का माहौल बना रहा।

सामुदायिक भवन में हुआ बारात का स्वागत

युवा मंडल के प्रवक्ता शिवम साहू ने बताया कि बारात साहू समाज सामुदायिक भवन पहुंची, जहां समाज के वरिष्ठजनों और महिलाओं ने बारात का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। तिलक और कलश पूजन के साथ दूल्हों का अभिनंदन किया गया। इसके बाद सभी जोड़ों की जयमाला की रस्म संपन्न हुई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार शुरू हुए।

पंडितों द्वारा वैदिक विधि-विधान के साथ सभी 11 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। सात फेरों और कन्यादान की रस्म के दौरान पूरा माहौल धार्मिक और भावनात्मक हो गया। समारोह में मौजूद समाज के लोगों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

नवदंपतियों को दिए गए गृहस्थी के उपयोगी उपहार

सामूहिक विवाह सम्मेलन में नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य के करीब 100 प्रकार के उपयोगी घरेलू सामान उपहार स्वरूप दिए गए। इसमें सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल, पलंग और गद्दा, 101 स्टील के बर्तनों का सेट, टेबल-कुर्सी, अलमारी सहित अन्य आवश्यक घरेलू वस्तुएं शामिल थीं। इन उपहारों का उद्देश्य नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

पारंपरिक डोली में हुई दुल्हनों की विदाई

सामूहिक विवाह सम्मेलन का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सभी दुल्हनों की विदाई पारंपरिक डोली में की गई। यह दृश्य पूरे समारोह का आकर्षण का केंद्र बना रहा। जैसे ही बेटियों की विदाई हुई, वहां मौजूद परिजन और समाज के लोग भावुक हो गए और माहौल भावनाओं से भर गया। नवविवाहित जोड़ों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष रूप से 11 कारों की व्यवस्था की गई थी। इन वाहनों के माध्यम से सभी नवदंपतियों को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया गया।

2023 से शुरू हुई थी पहल

जानकारी के मुताबिक साहू समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष जगन्नाथ गुरैया ने वर्ष 2023 में इस सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरुआत की थी। पहले वर्ष 4 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। इसके बाद दूसरे वर्ष 11 जोड़े, तीसरे वर्ष 8 जोड़े और इस वर्ष चौथे आयोजन में 11 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इस बार से 11 कन्याओं के विवाह में 5 कन्याएं ऐसी हैं जिनके पिता नहीं है जबकि 4 युवक भी ऐसे है जिन पर पिता का साया नहीं है,एक जोड़ा ऐसा भी है जिनके माता-पिता दोनों नहीं है। समाज के लोगों का कहना है कि इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।

समाज जनों ने दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष जगन्नाथ गुरैया सहित समाज के वरिष्ठजन, साहू समाज युवा मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और आयोजन की सराहना की।पूरे समारोह में अनुशासन, परंपरा और सामाजिक सहयोग का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। समाज के लोगों ने इसे एक प्रेरणादायक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और व्यापक रूप देने की बात कही।

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