रिश्वतखोर पटवारी पर लोकायुक्त का शिकंजा, पैसे लेते ही टीम ने दबोचा
सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। रीवा लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को यह कार्रवाई करते हुए पटवारी मुनेंद्र सिंह भदौरिया को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया। घटना सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, झगरहा निवासी मुनिश्वर प्रसाद सोनी (45) ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पत्नी शीला सोनी के नाम दर्ज 0.0362 हेक्टेयर जमीन से जुड़े इतलाबी कार्य और उनकी मां के निधन के बाद वारिसाना दर्ज कराने की प्रक्रिया के लिए हल्का पटवारी मुनेंद्र सिंह भदौरिया उनसे पैसे की मांग कर रहा था।
पहले भी ले चुका था 25 हजार रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार, पटवारी ने इन कामों के एवज में कुल 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि 11 मार्च को वह पहले ही 25 हजार रुपये ले चुका था और बाकी रकम देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। परेशान होकर मुनिश्वर प्रसाद सोनी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में कर दी।
जांच के बाद बनाई गई ट्रैप योजना
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का प्राथमिक सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने पर अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।
पांच हजार रुपये लेते ही दबोचा
योजना के अनुसार सोमवार को लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया और पटवारी मुनेंद्र सिंह भदौरिया को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया।
12 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त रीवा की टीम ने उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में की। टीम में निरीक्षक उपेंद्र दुबे सहित कुल 12 सदस्य शामिल थे। ट्रैप के दौरान दो स्वतंत्र शासकीय गवाह भी मौजूद रहे। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।








