BMC से गायब मरीज 10 दिन बाद मिला मृत, अस्पताल और पुलिस सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
सागर से एक अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सागर मोतीनगर थाना क्षेत्र निवासी दिलीप साहू को 25 फरवरी को पीठ में दर्द की शिकायत के चलते बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां उनका इलाज चल रहा था और वे करीब 8 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे।
बताया जा रहा है कि 5 मार्च की सुबह जब उनके परिजन कुछ देर के लिए वार्ड से बाहर गए और वापस लौटे, तो दिलीप साहू अपने पलंग पर नहीं मिले। परिजनों ने तुरंत अस्पताल परिसर में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला।
सीसीटीवी फुटेज में भी दिलीप साहू अपने पलंग से कुछ दूरी तक जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद परिजनों ने गोपालगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और लगातार अपने स्तर पर भी उनकी तलाश करते रहे। इस दौरान कई बार थाने से संपर्क किया गया, लेकिन दिलीप साहू के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई।
इसी बीच आज परिजनों को सूचना मिली कि दिलीप साहू का इलाज के दौरान जिला अस्पताल में निधन हो गया है। यह खबर सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए।
जानकारी के मुताबिक, 5 मार्च की शाम किसी अज्ञात व्यक्ति ने दिलीप साहू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां करीब 10 दिन तक इलाज चलता रहा और बीती रात उनकी मृत्यु हो गई।
पूरी घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे पहला सवाल यह कि बीएमसी से मरीज के लापता होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह जानने की कोशिश क्यों नहीं की कि वह परिसर से कहां गया?
दूसरा सवाल यह कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद गोपालगंज थाना इस पूरे समय में प्रमोद साहू तक क्यों नहीं पहुंच सका?
और तीसरा बड़ा सवाल जिला अस्पताल पर उठ रहा है, जहां पिछले कई दिनों से एक अज्ञात व्यक्ति का इलाज चलता रहा, लेकिन संबंधित थाने को इसकी सूचना नहीं दी गई।
फिलहाल इस पूरे मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और बीएमसी, जिला अस्पताल और गोपालगंज थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।








