नवरात्रि में आस्था का सागर बना पुरव्याऊ टोरी स्थित मां बीजासेन मंदिर, 40 साल से जल रही अखंड ज्योत,250 साल पुराना है मंदिर…
चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही शहर का पुरव्याऊ टोरी स्थित मां बीजासेन मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां इन दिनों विशेष पूजा-अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

मंदिर में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है, लेकिन नवरात्रि में यहां आस्था का सैलाब देखने को मिलता है। भक्त माता के दरबार में पहुंचकर मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फल देती है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि माता के दर्शन से गंभीर बीमारियों में भी राहत मिलती है। वहीं विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए गुरुवार के दिन पीले कपड़े में गांठ बांधकर अर्जी लगाने की परंपरा भी यहां प्रचलित है।
मंदिर के पुजारी ने शुक्रवार सुबह 7:00 जानकारी देते हुए बताया के अनुसार यह स्थल करीब 200 से 250 वर्ष पुराना है। पहले यहां एक पहाड़ी थी, जिसे समय के साथ विकसित कर मंदिर का स्वरूप दिया गया। आज यह स्थान क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुका है।
मंदिर की सबसे विशेष पहचान यहां जल रही अखंड ज्योत है, जो पिछले 40 वर्षों से निरंतर प्रज्वलित है। यह ज्योत श्रद्धालुओं के लिए अटूट विश्वास और श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना और जवारे बोने की परंपरा निभाई जा रही है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर है।








