मनरेगा में बड़ा घोटाला! बिना खुदाई के खेत तालाब दिखाकर फर्जी मस्टर से निकाली गई हजारों की मजदूरी, आदिवासियों के नाम पर हड़पे पैसे
गौरझामर। जनपद पंचायत केसली अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत महका पिपरिया में मनरेगा योजना के तहत बड़े फर्जीवाड़े और सरकारी धन की बंदरबांट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी तरीके से दो तालाबों के मस्टर रोल तैयार कर मजदूरों के नाम पर खेत तालाब की खुदाई के नाम पर पैसे निकल लिये, जबकि जमीन पर कोई काम ही नहीं हुआ। प्राप्त जानकारी अनुसार जिसमें दो हितग्राही बालकिशन हिम्मत ग्राम पिपरिया वर्क कोड 1710011011/आई एफ/ 22012035370560 जिसकी राशि 29548 रुपये और हितग्राही गोकुल तुलसीराम ग्राम पिपरिया वर्क कोड 1710011011/आई एफ/22012035370560 जिसकी राशि 29052 रुपये जिनकी मनरेगा में स्वीकृति 20 अप्रैल 2025 दिखाई दे रही है। पंचायत कर्मचारियों द्वारा मस्टर से निकाल ली गई ओर दोनों तालाबों का कोई भी काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर फर्जी मजदूर दिखाकर उनकी फोटो अपलोड की गई और उसी आधार पर भुगतान कर दिया गया। हकीकत में मजदूरों ने कोई कार्य नहीं किया, जिससे सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचा और मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। स्थानीय लोगों ने इसे खुला भ्रष्टाचार बताते हुये आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की हेराफेरी की गई। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से कभी निरीक्षण नहीं किया होगा तब ही तो मस्टर से मजदूरी निकाल ली गई। इस फर्जीवाड़े से शायद सिद्ध होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया होगा या अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। जिससे कोई कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है, अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन प्रशासन इस गंभीर आरोप पर संज्ञान लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये।
इनका कहना है-
आपके द्वारा जानकारी मिली है जनपद के अधिकारियों को जांच करने के निर्देश देती हूं जांच में जो अधिकारी प्रतिवेदन सौंपेगे उसी आधार पर कार्यवाही की जायेगी।
-प्रतिष्ठा जैन, सीईओ जनपद पंचायत केसली








