अफवाहों ने बढ़ाई बेचैनी: पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों से प्रदेशभर में हड़कंप, पंपों पर लगी लंबी कतारें
मध्यप्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कथित कमी को लेकर फैली अफवाहों ने आम लोगों के बीच अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया। मंगलवार रात से ही इंदौर और देवास सहित कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देर रात तक बनी रहीं।
इसी अफरा-तफरी के बीच देवास जिले के चौबराधीरा स्थित एक पेट्रोल पंप पर हालात बिगड़ गए। लाइन में आगे-पीछे खड़े होने को लेकर शुरू हुई बहस कुछ ही देर में झगड़े में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच जमकर हाथापाई हुई, जिससे पूरे पंप परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोग जल्द से जल्द ईंधन भरवाने की कोशिश में आपस में उलझ पड़े, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोगों को काबू करना आसान नहीं रहा।
पुलिस ने स्थिति संभाली
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे लोगों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अब पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन की अपील,घबराएं नहीं
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों और घबराहट में की जा रही खरीदारी के कारण ऐसी स्थिति बन रही है। लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की अपील की गई है।
बालाघाट में भी दिखा असर
बालाघाट जिले में भी मंगलवार रात से पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ने लगी, जो बुधवार तक जारी रही। कई स्थानों पर विवाद की स्थिति बनने लगी, जिसके मद्देनजर पंपों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति से भी बढ़ी चिंता
ईंधन के साथ-साथ एलपीजी सिलिंडर की सीमित आपूर्ति ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि 10 से 15 दिन पहले बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इस कारण गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ बढ़ रही है और कई जगहों पर बहस और विवाद की स्थिति बन रही है।








