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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: पीएम मोदी की मिमिक्री वीडियो पर निलंबित शिक्षक साकेत पुरोहित को राहत, सस्पेंशन आदेश रद्द

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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: पीएम मोदी की मिमिक्री वीडियो पर निलंबित शिक्षक साकेत पुरोहित को राहत, सस्पेंशन आदेश रद्द

ग्वालियर। एलपीजी संकट को लेकर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने के मामले में निलंबित किए गए एक शिक्षक को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
न्यायमूर्ति आशीष श्रोती ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि बिना किसी ठोस जांच के, केवल शिकायत के आधार पर और बाहरी दबाव में आकर किसी कर्मचारी को निलंबित करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने इस प्रवृत्ति को “सस्पेंशन सिंड्रोम” बताते हुए कहा कि कई बार अधिकारी औपचारिकता निभाने या दबाव के चलते जल्दबाजी में ऐसे फैसले ले लेते हैं।
क्या था मामला?
शिवपुरी जिले के सेमरखेड़ी बैराड़ स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक साकेत पुरोहित ने 13 मार्च को एलपीजी संकट के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की शैली में मिमिक्री करते हुए एक वीडियो बनाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और चर्चा का विषय बन गया।
इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव को शिकायत भेजी। शिकायत मिलते ही उसी दिन देर रात कार्यालय खुलवाकर शिक्षक के खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
कोर्ट ने क्या पाया?
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि निलंबन से पहले न तो शिक्षक का पक्ष सुना गया और न ही किसी प्रकार की प्रारंभिक जांच की गई। कोई प्रतिवेदन भी तैयार नहीं किया गया था। अदालत के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह जल्दबाजी में और दबाव के चलते की गई।
फैसले के मुख्य बिंदु
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रशासनिक निर्णय में निष्पक्षता और उचित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। बिना तथ्यों की जांच किए सीधे निलंबन जैसे कठोर कदम उठाना गलत है। अदालत ने भविष्य में अधिकारियों को ऐसी जल्दबाजी से बचने की सलाह भी दी है।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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