बीपीसीएल से 129.55 करोड़ की ठगी का खुलासा, पेमेंट गेटवे हैकिंग की आशंका में 7 पर केस
इंदौर। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ 129 करोड़ 55 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने पेमेंट गेटवे प्लेटफॉर्म की वेबसाइट में सेंध लगाकर यह फर्जीवाड़ा किया। फिलहाल पुलिस ने पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घोटाला देश के कई शहरों में फैला हुआ है।
मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी विश्वजीत सिंह तोमर के मुताबिक, बीपीसीएल के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर आरोपित विशाल सिंह (एक्जोटिका शालीमार), शशि सिंह (एक्जोटिका शालीमार), दलवीर सिंह (स्कीम-114), बलजिंदर सिंह (स्कीम-114), वाहिद खान (विजय पैलेस कॉलोनी), नरेंद्र सिंह वासू (खातीवाला टैंक) और बलबीर सिंह निवासी अंबिकापुरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि बीपीसीएल ने 17 दिसंबर 2021 से अपने फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लॉयल्टी एप के माध्यम से पेमेंट गेटवे की सुविधा शुरू की थी। इस व्यवस्था के तहत कंपनी ग्राहकों के लिए फ्लीट खाता बनाती है, जिसमें वे नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट-डेबिट कार्ड या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से राशि जमा कर अपने वॉलेट को रिचार्ज कर सकते हैं।
यह लॉयल्टी एप रेजरपे और पाइनलैब्स जैसे पेमेंट गेटवे से जुड़ा हुआ है। सामान्य प्रक्रिया में रेजरपे के माध्यम से जमा की गई राशि बीपीसीएल के खाते में ट्रांसफर होती है और ग्राहक इस बैलेंस का उपयोग देशभर में कंपनी के पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने के लिए कर सकते हैं।
मामले का खुलासा 31 मार्च 2023 को हुआ, जब रेजरपे की रिस्क असेसमेंट टीम ने बीपीसीएल को संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी दी। जांच में पता चला कि लॉयल्टी एप और पेमेंट गेटवे के बीच तकनीकी गड़बड़ी या छेड़छाड़ के कारण 1093 ग्राहकों के वॉलेट में बिना किसी वास्तविक भुगतान के करीब 129 करोड़ रुपये का रिचार्ज कर दिया गया।
इस जानकारी के बाद कंपनी ने सभी संदिग्ध खातों को तुरंत ब्लॉक कर दिया और संबंधित ग्राहकों को सूचना भेजी। कुछ मामलों में वॉलेट में मौजूद राशि वापस भी ली गई। आगे की जांच में इंदौर के सात ग्राहक इस पूरे मामले से जुड़े पाए गए।
कंपनी ने इन लोगों से संपर्क कर उनसे खरीदे गए ईंधन की राशि लौटाने को कहा और बताया कि उनके स्मार्ट फ्लीट वॉलेट में गलत तरीके से रिचार्ज हुआ है। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत शिप्रा पुलिस को सौंपी गई।
पुलिस ने जांच के बाद मंगलवार को सातों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है।








