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MP : घर घर नल कनेक्शन फिर भी गांव से दो तीन किलोमीटर दूर नदी का दूषित पानी पीने मजबूर जरुआ ग्रामवासी

MP : शासन प्रशासन में ...

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MP : शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों की अनदेखी से बदहाली का जीवन व्यतीत कर रहे तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जरुआ गांववासी

लोगों का आरोप घर घर कनेक्शन तो दिए लेकिन पानी 3-4 दिन में एक बार वो भी पर्याप्त नहीं दे रहे अधिकारी कर्मचारी नहीं दे रहे ध्यान

विशाल रजक तेंदूखेड़ा!- जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक में आज भी ऐसे कई गांव हैं, जहां रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है और उनकी समस्याओं पर मंत्री, विधायक, सरपंच से लेकर कोई भी अधिकारी-कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हां, इतना जरूर है कि, जब भी चुनाव आते हैं तो अधिकारी-नेता गांव जाकर कई लुभावने वादे कर आते हैं लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद कोई भी जिम्मेदार गांवों की तरफ नहीं देखता है नतीजन ग्रामीण आज भी बदहाल जीवन व्यतीत करने मजबूर नजर आ रहे हैं
ब्लॉक का ऐसा ही एक गांव जरूआ है। ये गांव इमलीडोल ग्राम पंचायत के आश्रित है। इस गांव की आबादी 300-400 के करीब है। वहीं 200 से 250 करीब मतदाता हैं लेकिन जरूआ वासी शासन से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पूर्व में ग्रामीण, समस्याओं का निराकरण कराने के लिए पंचायत से लेकर ब्लॉक, जिला तक गए लेकिन जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो विवाद हुआ और दर्जनों लोग जेल भी गए लेकिन इसके बाद भी गांव का विकास नहीं हो पाया। नतीजा अब जरूआ वासियों का शासन-प्रशासन में बैठे नेता और अधिकारियों से विश्वास उठ गया है। वे आज भी ऐसा जीवन यापन कर रहे हैं, जिसकी तुलना करना मुश्किल है। 

परेशानियों से त्रस्त होकर गांव छोड़कर भाग गए
इमलीडोल ग्राम पंचायत के आश्रित जरूआ गांव के बड़ी संख्या में लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में और परेशानियों से त्रस्त होकर गांव छोड़कर चले गए हैं और जो गिने-चुने बचे हैं, वह अपना जीवन बदहाली में जी रहे हैं उनको न तो ग्राम में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही भोजन के लिए सरकारी राशन मिलता है। ग्राम के बलिराम आदिवासी बताते हैं कि पानी के लिए गांव से 2 से 3 किलोमीटर दूर नदी जाते है और जो शासन से राशन मिलता है, उसको लेने के लिए 8 से 10 किलोमीटर दूर इमलीडोल जाना पड़ता है। गांव में पानी के जो सोत है, वह बेकाम हैं रोजगार के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग दूसरे जिले जाते हैं। 

शोपीस बनकर रह गई योजना
ग्राम जरुआ में पानी की दिक्कत इसलिए खड़ी हो गई है, क्योंकि यहां पर सतधरू योजना के तहत जो कनेक्शन किए गए थे वो कहीं-कहीं हुए ही नहीं है तो वहीं दूसरी ओर जो कनेक्शन हुए हैं तो लोगों के घरों में पानी ही नहीं पहुंच रहा है ग्राम के लोगों ने बताया कि जरुआ गांव में सतधरू परियोजना के तहत घर घर पानी और नल जल कनेक्शन देने की योजना थी लेकिन यह योजना फिर कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है क्योंकि लोगों के घरों में महीने भर में 10 दिन ही पानी पहुंच रहा है वो भी लोगों के खर्च के हिसाब से पर्याप्त नहीं है लोगों को पानी के परेशान होना पड़ रहा है इस योजना के अधिकारियों द्वारा सिर्फ एक हफ्ते तक 8 दिन पहले नल चालू किए गए थे, लेकिन जब से सप्लाई बंद है और आज तक चालू नहीं हुई है। जिसके कारण लोगों को दिक्कत हो रही है साथ ही लोगों के घरों में लगे नल कनेक्शनों में धीमी गति से पानी आता है जिसके कारण लोगों का पीने लायक ही पानी भर पाता है


आवागमन के लिए बदहाल मार्ग, पक्के आवास भी नसीब नहीं
जरुआ में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पानी, राशन के अलावा आवागमन के लिए पक्का रास्ता नहीं है कई परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से कच्चे घर-टपरों में रहने मजबूर हैं। यहां यादव समाज के साथ ही आदिवासी समाज के लोग ज्यादा हैं जिनमें अधिकतर मजदूर, गरीब एवं खेती हर है ग्रामीणों ने बताया कि जरुआ उनका पैतृक गांव है इसलिए वह उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं लेकिन यहां रहकर जीवन यापन करना बड़ा मुश्किल है क्योंकि आने-जाने के लिए पक्का मार्ग नहीं है। जंगली और उबड़ खाबड़ मार्ग से आवागमन करना पड़ता है प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभग्रामीणों को नहीं मिला है, जिस कारण कच्चे घर और झोपड़ी में रहने मजबूर है। मार्ग की सुविधा के लिए लगातार मांग करते आ रहे है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है

चुनाव के समय ही आते हैं नेता और अधिकारी
ग्राम के हीरा यादव, गुड्डा आदिवासी ने बताया कि चुनाव के समय ही यहां नेता वोट मांगने और अधिकारी मतदान कराने के लिए आते हैं। जब उनसे यहां की समस्या बताकर निराकरण के लिए कहा जाता है तो हर बार आश्वासन देकर चले जाते है और जैसे ही चुनाव संपन्न होते है, तो फिर कोई भी जिम्मेदार नहीं आता है। ग्राम जरुआ में आज तक कोई भी शासकीय कैंप नहीं लगा है और विकास यात्रा भी नहीं आई है अब ग्रामीण आने वाले समय में मतदान का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं वहीं इस मामले को लेकर जब जनपद सीईओ मनीष बागरी से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया जिसके कारण बात नहीं हो सकी

इनका कहना

इस संबंध में ग्राम पंचायत के सचिव भगवानदास यादव ने बताया है पानी की समस्या तो है जिसके निराकरण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है सतधरु योजना के तहत घर घर कनेक्शन और पानी सप्लाई चालू है लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है जिसके लिए मैंने जल निगम के अधिकारी कर्मचारी को पत्राचार किया है हर दिन पर्याप्त पानी की मांग की है साथ ही अन्य विकास कार्य के लिए प्रयास किया जा रहा है

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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