मालवाहक चालक और मालिक की लापरवाही के साथ पुलिस की अनदेखी जारी इसी कारण हो रहे सड़क हादसे
लापरवाही – बीते दिनों धार में हुए हादसे में 16 लोगों की मौत के बाद भी पुलिस प्रशासन ने नहीं लिया सबक शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अराजकता लोगों की जान से खिलवाड़ मौत बनकर बेलगाम दौड़ रहे ओवर स्पीड लोडिंग वाहन

विशाल रजक तेंदूखेड़ा!- लोडिंग वाहनों में लोगों का सफर कब मौत में तब्दील हो जाता है पता ही नहीं चलता है हादसा होने के बाद कुछ दिनों तक हो हल्ला हंगामा मचता है उसके बाद पूरी की पूरी कहानी आई – गई हो जाती है बीते दिनों 29 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश के धार जिले में पिकअप वाहन पलटने से 16 लोगों की मौत हो जाने सहित 20 से अधिक लोग इस हादसे में घायल हैं बावजूद इसके तेंदूखेड़ा मुख्यालय की सड़कों पर लोडिंग वाहनों में लोगों एवं मजदूरों को एक स्थान से लाकर दूसरे स्थान पर छोड़ने का क्रम लगातार चल ही रहा है लोडिंग वाहनों में मौत का सफर जारी है इसके पहले भी प्रदेश के डिंडोरी में वर्ष 2024 में 29 फरवरी को पिकअप वाहन पलटने से 14 लोगों की यहां पर भी मौत हुई थी प्रदेशभर में इस तरह की घटनाएं आए दिन घटित हो रही है लेकिन पुलिस प्रशासन कहीं भी नजर नहीं आ रहा है।

ऐसी दुर्घटना का खतरा शहर व आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बना हुआ है, क्योंकि रोजाना सड़कों पर ओवर लोड भारी वाहन क्षेत्रों से लेकर हाईवे तक में जमकर धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। इस दौरान ट्रैफिक व आरटीओ अमला भी मूकदर्शक बना हुआ है, इसी के चलते लोडिंग वाहनों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों पर दौड़ रहे अधिकांश भारी वाहन रसूखदार लोगों के होते हैं। यही वजह है कि आरटीओ एवं यातायात पुलिस के जिम्मेदार भी उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई कभी नहीं करते हैं। जानकारों का कहना है कि सड़कों पर बेलगाम भागते लोडिंग वाहनों में अधिकांश में नंबर प्लेट तक नहीं होती है
इन मार्गों पर नजर आते हैं वाहन
तेंदूखेड़ा नगर सहित क्षेत्र के सभी मार्गों पर सुबह शाम मजदूरों एवं लोगों से भरे वाहनों को देखा सकता है इन वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह लोगों को ठूंस-ठूंस कर सफर कराया जाता है और जब कोई हादसा होता है तो मौके से कभी वाहन गायब हो जाता है तो कभी नंबर प्लेट या फिर वाहनों का बीमा फिटनेस कुछ भी नहीं होता है फिर इस खेल को पुलिस अपने हिसाब से ले-देकर निपटाने की तैयारी करता है और उस हादसाग्रस्त वाहन की बदलकर दूसरा वाहन उपयोग किया जाता है लेकिन पुलिस इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है जिससे इस तरह के हादसे आए दिन सड़कों पर दिखाई देते है तेंदूखेड़ा सहित झलौन तारादेही तेजगढ़ पाटन दमोह जबलपुर सभी मार्गों पर इन ओवरलोड वाहनों को देखा जा सकता है जिनमें लोगों को किस तरह से सफर कराया जाता है पुलिस लापता नजर आती हैं
नियमः लोडिंग वाहन में सवारी नहीं बैठा सकते
नियम के अनुसार लोडिंग वाहनों में सवारी ले जाना मना है, मगर इसके बाद भी खुलेआम नियम कायदों से खिलवाड़ हो रहा है। खेतों और ग्रामीण इलाकों में चल रहे कार्यों में लगे मजदूर लोडिंग वाहनों से सफर कर रहे हैं साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह कार्यक्रम में भी गरीब परिवार इन वाहनों का उपयोग करता है बताया जाता है कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सवारियों से भरे मालवाहक को चालकों के द्वारा तेज गति से दौड़ाया जाता है। मेंटेनेंस न होने के कारण इन वाहनों में कई तरह की कमियाँ आ जाती हैं और सफर के दौरान जरा सी लापरवाही भी इनके लिए घातक साबित हो जाती है। अभी तक हुए हादसों में मुख्य रूप से ड्राइवर और खस्ताहाल वाहन ही जिम्मेदार बताए गए हैं
हादसों से सबक नहीं लेते जिम्मेदार जिम्मेदार विभाग के
अधिकारियों की चुप्पी के कारण ही मालवाहक वाहनों में सवारियों को भेड़-बकरियों की तरह भरकर ढोया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से लेकर अन्य कार्यों के लिए मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है। इन कार्यों के लिए ठेकेदार ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर खुले ट्रक में भरकर मजदूरों को लाने और ले जाने का काम कर रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पूर्व के कई हादसों के बाद भी इस जानलेवा सफर की अनदेखी जारी है।
यमराज बन चुके हैं मालवाहक
मजदूरों और सवारियों से भरे मालवाहक आए-दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। जिसके चलते अब तक कई लोग मौत के मुँह में समा चुके हैं, और न जाने कितने लोग अपने हाथ-पैर गँवा चुके हैं। इसके बाद भी लोडिंग वाहनों में सवारियों के ढोने का काम बंद नहीं कराया गया। जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करने में लगे रहते हैं। वहीं मालवाहक यमराज बनकर लोगों को मौत के घाट उतारने में लगे हैं। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों का पूरा परिवार जान से हाथ धो बैठा है।

जल्द होगी कार्रवाई
इस संबंध में तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही मैंने आरटीओ विभाग से इन वाहनों पर पुलिस के साथ कार्रवाई करने बोला है जल्द ही इन वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी मैंने भी धार जिले में हुई घटना में न्यूज मे देखा है मैं तेंदूखेड़ा पुलिस को भी इन वाहनों पर कार्रवाई करने बोलती हूं
अर्चना अहीर एसडीओपी तेंदूखेड़ा








