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शिक्षिका की पिटाई से गई 9 साल के मासूम की जान ? इलाज के दौरान मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा

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शिक्षिका की पिटाई से गई 9 साल के मासूम की जान ? इलाज के दौरान मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा

भोपाल से दमोह लेकर पहुंचे शव पैनल से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किया लेकिन परिजन बच्चे का शव लेकर तेश्दू पहुंचे दमोह जबलपुर हाईवे पर एंबुलेंस खड़ी कर किया प्रदर्शन जाम लगाने के बनते नजर आए हालात पुलिस की समझाइश के बाद माने परिजन 

 

तेंदूखेड़ा। बहुचर्चित छात्र मारपीट मामले में आज बड़ा और दुखद घटनाक्रम सामने आया है बीते ढाई से तीन महीने से भोपाल एम्स अस्पताल में इलाजरत 9 वर्षीय छात्र की उपचार के दौरान मौत हो गई है जानकारी अनुसार तेंदूखेड़ा नगर में स्थित आईईएस पब्लिक स्कूल के छात्र की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार की देर-रात 2 बजे परिजन बच्चे का शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और स्कूल की शिक्षिका पर मारपीट का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शिक्षिका की मारपीट से ही उनके बच्चे की जान गई है परिजनों ने शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि बच्चा पिछले ढाई महीने से कोमा में था और भोपाल में उसका इलाज चल रहा था। मौत के बाद शव को जिला अस्पताल लाया गया।

सूचना मिलते ही दमोह कोतवाली टीआई मौके पर पहुंचे। एसपी के निर्देश पर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया है तेंदूखेड़ा नगर के वार्ड क्रमांक 9 निवासी काव्य पिता दामोदर नामदेव के रूप में हुई है उसके मामा हेमंत नामदेव ने बताया कि काव्य तेंदूखेड़ा के आईईएस पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। 19 फरवरी को शिक्षिका देवींद्री ठाकुर ने होमवर्क न करने पर काव्य को हाथ, पैर और सिर में स्केल से मारा था। इसके बाद उसे बुखार आने लगा और उसने खाना-पीना छोड़ दिया

परिजन उसे तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर चिरायु अस्पताल रेफर किया गया। चिरायु अस्पताल की एमआरआई रिपोर्ट में बच्चे के सिर में मारपीट से सूजन की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसे जबलपुर के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां 10 दिन तक इलाज चला, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अंततः उसे भोपाल एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर बीते दो महीने से काव्य नामदेव का इलाज चल रहा था और शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई इसके

शिक्षिका पर हो ठोस कार्रवाई

वहीं शनिवार की देर-रात करीब 2 बजे परिजन भोपाल से शव लेकर दमोह एसपी आफिस पहुंचे वहां से शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भेजा गया काव्य के मामा हेमंत नामदेव ने आरोप लगाते हुए बताया कि हम लोगों ने तेंदूखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी वह रिपोर्ट हमारे अनुसार नहीं लिखी गई। उसमें आरोपी के नाम काट दिए गए। हम लोगों ने कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी को भी आवेदन दिया था, लेकिन इस पर कोई भी जांच की गई ना ही कार्रवाई हुई अब जब बच्चे की मौत हो चुकी है, हम चाहते हैं कि शिक्षिका पर ठोस कार्रवाई की जाए

एआईटी करेगी मामले की जांच

दमोह जिला अस्पताल पहुंचे कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक बच्चे का शव लेकर परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे हैं। उन्हें अस्पताल भेजा गया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पैनल के माध्यम से बच्चे का पीएम कराया गया है इसके अलावा एक एसआईटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी और वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेंगे

मौसी बोली- टीचर ने कहा था मारेंगे नहीं तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे

काव्य की मौसी प्रीति नामदेव ने बताया कि स्कूल टीचर देवींद्री ठाकुर ने बच्चे को पीटा था। तब हम स्कूल शिकायत के लिए पहुंचे थे। वहां टीचर बोलने लगी कि अगर बच्चे को मारेंगे नहीं तो वह पढ़ेगा कैसे इसलिए मारना पड़ता है इसके बाद काव्य ने खाना-पीना बंद कर दिया था वहीं शिक्षक दामोदर नामदेव के बड़े पुत्र की 17 अगस्त 2022 में नरगुवा जलाशय में डूबने से मौत हो चुकी है और अब दूसरा बेटा भी खो दिया जिससे परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है

तेंदूखेड़ा पहुंचकर दमोह- जबलपुर हाईवे जाम, पांच थाने की पुलिस पहुंची

वहीं दमोह में बच्चे के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर तेंदूखेड़ा पहुंचे और दमोह जबलपुर हाईवे पर तेंदूखेड़ा नगर में पुलिस थाने जाने मुख्य मार्ग एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और दमोह-जबलपुर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस से ही अलर्ट थे जैसे ही शव तेंदूखेड़ा पहुंचा पुलिस भी मौके पहुंचा गई और प्रदर्शनकारी को समझाइश दी एवं निष्पक्ष जांच की बात कहीं है बता दें पुलिस प्रशासन सुबह से ही अलर्ट हो चुकी थी जिसके चलते दमोह डीएसपी डीएस ठाकुर सहित पांच थानों जबेरा, नोहटा, तेजगढ़, तारादेही इमलिया चौकी और तेंदूखेड़ा पुलिस तेंदूखेड़ा पहुंच चुकी थी मृतक के परिजनों द्वारा 15से20 मिनट तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया जिससे वाहनों की लाइन लग गई साथ ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा परिजनों ने निष्पक्ष जांच करने के साथ ही दोषी शिक्षक शिक्षका एवं कुछ पुलिस कर्मचारियों के नाम लेकर जांच की मांग की है

इनका कहना 

तेंदूखेड़ा में एसडीओपी का प्रभार संभाल रहे दमोह डीएसपी डीएस ठाकुर ने परिजनों को समझाया। डीएसपी डीएस ठाकुर ने बताया- परिजनों की मांग थी की शिक्षिका पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जिस पर पुलिस अधिकारियों का कहना था कि जिस समय बच्चे से मारपीट हुई थी, उस समय तत्काल ही शिक्षिका पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। अब उसकी मौत हो गई है, जैसे ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आएगी, धाराएं बढ़ाई जाएंगी।

स्कूल संचालक बोले- हमने पूरी मदद की

इस घटनाक्रम के बाद स्कूल संचालक विक्रम सिंह राजपूत ने बताया कि घटना 19 फरवरी की है जैसे ही परिजनों ने इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने तत्काल शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया था। परिजनों ने इस बात की शिकायत भी थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद जब बच्चे की हालत बिगड़ी तो उन्होंने पूरा इलाज में सहयोग किया। भोपाल में 2 महीने बच्चे का इलाज चलता रहा वहां भी उन्होंने परिजनों कि आर्थिक रूप से मदद की। परिजनों ने भी हमें यह आश्वासन दिया था की वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। बच्चे की मौत का उन्हें भी काफी दुख है और वह भी चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में निष्पक्षिता से जांच करें

पीएम रिपोर्ट का इंतजार

इस पूरे मामले को लेकर तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र बागरी ने बताया कि जिस समय यह मामला हुआ था उस समय शिक्षिका पर मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। विभागीय जांच में क्या निकला अभी उसकी जांच रिपोर्ट उनके पास नहीं पहुंची है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सही पुष्टि होगी। उसके बाद इस मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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