ढाई साल के बेटे और बीमारी के बीच निभाया जनगणना का फर्ज, ड्यूटी पूरी कर लौट रही महिला प्रगणक हादसे में घायल
संगीता ठाकुर ने विपरीत परिस्थितियों में पूरा किया 300 मकानों का सर्वे, मकरोनिया ओवरब्रिज पर हादसे में सिर में आये 8 टांके
सागर। कर्तव्य के प्रति समर्पण की मिसाल बनी तहसील सागर की प्रगणक संगीता ठाकुर रविवार को अस्पताल के बिस्तर पर हैं। ढाई साल के बेटे की जिम्मेदारी, गंभीर बीमारी और पारिवारिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने जनगणना मकान सूचीकरण का अपना कार्य पूरी निष्ठा से पूरा किया लेकिन ड्यूटी समाप्त कर घर लौटते समय सड़क हादसे का शिकार हो गईं। संगीता ठाकुर को जनगणना मकानसूचीकरण के तहत एचएलबी 0058 ग्राम महुली का कार्य सौंपा गया था। यह क्षेत्र तहसील सागर के बड़े एचएलबी क्षेत्रों में शामिल था जहां लगभग 300 मकानों की गणना और ऑनलाइन फीडिंग का काम किया जाना था। संगीता ठाकुर के अनुसार 23 अप्रैल की शाम उन्हें ई-मेल के माध्यम से अचानक ड्यूटी आदेश प्राप्त हुआ। आदेश में तत्काल प्रशिक्षण में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये थे। उन्होंने चार्ज अधिकारी को अपनी परिस्थितियों से अवगत कराया। संगीता ने बताया कि उनका बेटा केवल ढाई साल का है वे डायबिटीज की मरीज हैं और पति-पत्नी दोनों की ड्यूटी लगने से बच्चे की देखभाल करने वाला घर में कोई नहीं था। इसके बावजूद स्टाफ की कमी का हवाला देते हुये उन्हें कार्य करने के लिये कहा गया। संगीता का कहना है कि इससे पहले इसी एचएलबी क्षेत्र के लिये लगाये गये तीन चार कर्मचारियों की ड्यूटी उनकी परेशानियों को देखते हुये निरस्त की जा चुकी थी।
राष्ट्रीय कर्तव्य को समझकर संभाली जिम्मेदारी
अपनी व्यक्तिगत परेशानियों के बावजूद संगीता ठाकुर ने राष्ट्रीय कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुये फील्ड में काम शुरू किया। वे रोज सुबह 7-8 बजे गांव पहुंचकर मकानसूचीकरण और ऑनलाइन फीडिंग का कार्य करती रहीं। लगातार मेहनत के बाद 10 मई को सुबह करीब 11.45 बजे उन्होंने एचएलबी 0058 ग्राम महुली का कार्य शत प्रतिशत पूरा कर लिया।
काम खत्म कर लौटते समय हुआ हादसा
कार्य पूरा करने के बाद संगीता अपने पति और बच्चे के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान मकरोनिया ओवरब्रिज पर चलती गाड़ी में उन्हें अचानक चक्कर आ गया और वे गिर पड़ीं। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई और 8 टांके लगाने पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बंसल हॉस्पिटल सागर पहुंचाया जहां उनका उपचार जारी है।
महिला कर्मचारियों की परिस्थितियों पर विचार की मांग
इस घटना के बाद महिला कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। संगीता ठाकुर ने कहा कि भविष्य में महिला कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये ड्यूटी लगाई जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी आवेदन या परेशानी बताता है तो उसकी वास्तविक स्थिति की जांच कर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिये क्योंकि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाये तो ऐसी घटनायें बड़े हादसे का रूप भी ले सकती हैं।








