टोल कर्मियों ने कंपनी पर लगाया शोषण और मनमानी का आरोप : वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मालथौन टोल प्लाजा पर हंगामा
8 के बजाय 12 घंटे काम कराने और नौकरी से निकालने की धमकी देने की बात कही
सागर/मालथौन। नेशनल हाइवे 44 पर स्थित मालथौन टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने शनिवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर अचानक काम बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने टोल संचालक कंपनी पर गंभीर आर्थिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाये हैं। इस आकस्मिक हड़ताल के कारण दोपहर में करीब एक घंटे तक टोल बूथ पूरी तरह बंद रहे, जिससे हाइवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद कर्मी काम पर वापस लौटे। प्रदर्शन कर रहे टोल कर्मियों ने बताया कि इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में वर्तमान वेतन से परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है।
देश के अन्य टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जा चुकी है, लेकिन मालथौन में अधिकारी लगातार मनमानी कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे की जगह जबरन 12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके बदले उचित मानदेय नही दिया जा रहा।आवाज उठाने पर बाहर का रास्ता
टोल कर्मियों ने रोष जताते हुये कहा कि जब भी वे टोल मैनेजर के समक्ष अपनी जायज मांगे या वेतन बढ़ाने की बात रखते हैं, तो उन्हें सीधे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। प्रबंधन के इस अड़ियल रवैये के कारण पहले भी कई पुराने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है, जिससे स्टाफ में भारी भय और आक्रोश का माहौल है। शनिवार दोपहर को गुस्साये कर्मचारी बूथ छोड़कर बाहर आ गये और नारेबाजी शुरू कर दी। बूथ बंद होते ही हाइवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भीषण गर्मी में यात्री और ट्रक चालक करीब आधा घंटे तक जाम में फंसे रहे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पहुंचे टोल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझा बुझाकर उचित रास्ता निकालने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे और यातायात बहाल हो सका।
इनका कहना है
कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग रखी है, जिस पर कंपनी के उच्च प्रबंधन स्तर पर बातचीत चल रही है। कर्मचारियों से 12 घंटे काम लेने का आरोप पूरी तरह निराधार है। सभी से नियमानुसार केवल 8 घंटे ही काम लिया जा रहा है, जिसके लिये प्लाजा पर बकायदा तीन अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी संचालित की जाती है।
-अविनाश कुमार, टोल मैनेजर, मालथौन








