एक महीने पढ़ाई के बाद प्रबंधन ने दूसरे कॉलेज में प्रवेश लेने को कहा, छात्रों ने कहा- रजिस्ट्रेशन, ड्रेस और कमरे पर खर्च हो चुका
सागर। रावतपुरा सरकार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में बीफार्मा और डीफार्मा प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने कोर्स बंद किए जाने के निर्णय का विरोध किया। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे छात्रों ने कॉलेज परिसर में अपनी नाराजगी जताई। छात्रों का कहना है कि उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया, फीस जमा की और अगस्त से करीब एक महीने तक पढ़ाई भी की। कई विद्यार्थियों ने कॉलेज की ड्रेस खरीदने के साथ बाहर से आने के कारण आसपास किराए पर कमरे भी ले लिए हैं।
ललितपुर निवासी छात्र मौसम लोधी ने बताया कि उन्होंने ₹2500 रजिस्ट्रेशन फीस और ₹2500 फीस जमा की थी। एक महीने पढ़ाई के बाद अब प्रबंधन की ओर से दूसरे कॉलेज में प्रवेश लेने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि अचानक कॉलेज बदलने से नए संस्थान में प्रवेश, फीस और रहने की व्यवस्था को लेकर परेशानी होगी।वहीं संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी अखिलेश भार्गव ने बताया कि प्रबंधन ने इस वर्ष से बीफार्मा और डीफार्मा कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। सभी विद्यार्थी प्रथम वर्ष के हैं और अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों से ली गई फीस वापस की जा रही है, ताकि वे दूसरे संस्थान में प्रवेश लेकर पढ़ाई जारी रख सकें।
उन्होंने बताया कि संसार में छात्रवृत्ति के आधार पर गरीब बच्चे एडमिशन लेते हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई विद्यार्थी नियमित कक्षाएं नहीं कर पाने के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ देते थे। जिससे विद्यार्थियों का करियर भी खराब होता है,इसी को देखते हुए प्रबंधन ने दोनों कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। प्रबंधन का कहना है कि अभी प्रवेश प्रक्रिया जारी होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में प्रवेश लेने का अवसर मिल सकता है।








