25 सितंबर की घटना के बाद पुलिस जांच में सहयोग का दावा, अफवाहों के आधार पर आश्रम की छवि खराब न करने की अपील; लापता श्रद्धालुओं के परिजन भी पहुंचे आश्रम
वृंदावन के चर्चित संत प्रेमानंद महाराज का ‘श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम’ साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक बार फिर चर्चा में है। 25 सितंबर को हुई इस घटना के बाद आश्रम प्रबंधन की ओर से अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। घटना के 9 दिन बाद राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है।
ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक अपील जारी करते हुए साधक की मौत पर दुख जताया है। साथ ही कहा है कि आश्रम प्रशासन पुलिस की जांच में सहयोग कर रहा है। ट्रस्ट ने लोगों से अपील की है कि अधूरी जानकारी या अफवाहों के आधार पर प्रेमानंद महाराज और आश्रम की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न की जाए।
हालांकि, ट्रस्ट की ओर से बयान जारी होने के बाद भी घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं।

9 दिन बाद ट्रस्ट ने क्या कहा?
राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा गया कि साधक की मौत की घटना से प्रेमानंद महाराज और पूरा आश्रम परिवार दुखी है। ट्रस्ट ने दिवंगत साधक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि आश्रम प्रशासन पुलिस की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक भक्तों और आम लोगों को अधूरी खबरों या अफवाहों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए और आश्रम की छवि खराब करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यह अपील ऐसे समय सामने आई है, जब साधक की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ट्रस्ट ने अपने बयान में घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए पुलिस जांच को महत्वपूर्ण बताया है।
दीपक लोधी की मौत को लेकर अब तक क्या सामने आया?
दीपक लोधी को रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था। सामने आई जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर को वह गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के कारण मामला चर्चा में है।
कुछ रिपोर्टों में शरीर पर चोटों और कमरे से सामान मिलने जैसी बातें कही गई हैं। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मौत के किसी एक कारण को अंतिम रूप से सही मानना जल्दबाजी होगी।
लापता श्रद्धालुओं के परिजनों ने भी आश्रम के बाहर किया हंगामा
साधक की मौत की जांच के बीच कुछ अन्य परिवार भी अपने लापता परिजनों की तलाश में आश्रम पहुंचे। अलग-अलग स्थानों से आए तीन परिवारों ने आश्रम के मुख्य द्वार पर नारेबाजी और हंगामा किया।
इनमें कासगंज की आवास विकास कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय मयंक का मामला भी शामिल है। परिवार के अनुसार, मयंक 7 अगस्त को प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने की बात सामने आई है।
संभाजीनगर की उज्ज्वला भी परिजन की तलाश में पहुंचीं
महाराष्ट्र के संभाजीनगर से उज्ज्वला भी अपने लापता परिजन की तलाश में आश्रम पहुंची हैं। उन्होंने भी आश्रम के बाहर पहुंचकर अपने परिजन के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
वहीं, मथुरा के देवी आटस इलाके का एक परिवार भी अपने लापता सदस्य का सुराग तलाशने के लिए आश्रम के चक्कर लगा रहा है।
एक ही समय में अलग-अलग परिवारों के अपने लापता परिजनों की तलाश में आश्रम पहुंचने से मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। इन मामलों से जुड़े तथ्यों की स्थिति संबंधित जांच और शिकायतों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।








