मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पेश करने या तत्काल रिहा करने को कहा, राज्य सरकार को नोटिस जारी; अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को
जबलपुर। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे गोवा के 18 यात्रियों को इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में लेने का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश अल्पेश कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि हिरासत में रखे गए सभी प्रदर्शनकारियों को कोर्ट में पेश किया जाए या उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
इस मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
गोवा निवासी याचिकाकर्ता सार्दुल जितेंद्र बुआ ने अपनी याचिका में बताया कि वह अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में भाग लेने के लिए ट्रेन से रवाना हुए थे। सभी यात्रियों के पास वैध टिकट थे। इसके बावजूद ट्रेन के इटारसी स्टेशन पहुंचते ही जीआरपी ने उन्हें नीचे उतार लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र के कुछ छात्र-छात्राएं पुणे से गोवा एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। उन्हें 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। इस आंदोलन के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध करने की योजना थी।
यात्रियों के इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों के हवाले से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 21 बताई गई है, जबकि हाई कोर्ट पहुंची याचिका में गोवा के 18 यात्रियों का उल्लेख किया गया है।
युवाओं से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका
हिरासत में लिए गए युवाओं को एक रिसोर्ट में रखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस के कुछ नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंचे। उन्होंने बैरिकेड्स पार कर रिसोर्ट के भीतर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की निगरानी जारी रही। एसपी साईं कृष्णा थोटा और एएसपी अभिषेक राजन के नेतृत्व में पुलिस बल युवाओं पर नजर रखे हुए है। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में उनकी भागीदारी रोकने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई के बाद इटारसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को भी निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।








