दो साध्वियों की मौत पर सकल जैन समाज का प्रदर्शन दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी संन्यासियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग
रिपोर्ट – विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। रीवा में 20 मई को सड़क हादसे में दो जैन साध्वियों, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी और आर्यिका 105 उपशम्मति माताजी, का निधन हो गया। घटना के बाद देशभर के जैन समाज में चिंता व्याप्त है सोमवार को तेंदूखेड़ा में सकल जैन समाज ने हाथी में काली पट्टी बांध कर मौन रैली निकाली गई समाज के लोगो ने तहसील कार्यालय में एकत्रित होकर घटना का विरोध जताया और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है तेंदूखेड़ा सकल जैन समाज ने तेंदूखेड़ा एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि साध्वियां अपने नियमानुसार पैदल विहार कर रही थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। साध्वियां सड़क किनारे और फुटपाथ मार्ग से चल रही थीं, इसके बावजूद यह हादसा हुआ
दोषी वाहन चालक पर कानूनी कार्रवाई की मांग
समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में दोषी वाहन चालक पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की गई। इसके साथ ही, घायल श्रावकों का त्वरित और समुचित इलाज सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक व सामाजिक मदद प्रदान करने की भी मांग की गई है जैन साधु-संतों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है। इसमें हाईवे और प्रमुख मार्गों पर नियंत्रित ट्रैफिक नीति लागू कर तीव्र गति और लापरवाही पर अंकुश लगाना शामिल है। पदविहार कर रहे संतों के लिए अलग, सुरक्षित कॉरिडोर का निर्माण करने और सड़क किनारे सफेद लाइनयुक्त सुरक्षा मार्ग विकसित करने की भी मांग की गई है, ताकि पैदल विहार सुरक्षित ढंग से हो सके
सुरक्षा के लिए विशेष राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग
सकल जैन समाज ने सुबह 8 बजे श्री पारसनाथ मंदिर से रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचे जहां तेंदूखेड़ा एसडीएम सीजी गोस्वामी को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से देशभर में विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए एक विशेष राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।
जैन समाज के पदाधिकारियों ने जोर दिया कि साधु-संत केवल जैन धर्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे समाज को नैतिकता, शांति और अहिंसा का संदेश देते हैं। इसलिए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रशासन से त्वरित जांच, दोषियों की पहचान व सख्त दंड की अपील की है और यह भी कहा कि दुर्घटना के कारणों की पारदर्शी जांच कर यातायात व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं ज्ञापन प्राप्त करने के बाद एसडीएम सीजी गोस्वामी ने कहा कि संतों के साथ हुई घटना दुखद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेंदूखेड़ा ब्लॉक में साधु-संतों के आगमन पर उन्हें पूरी सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो








