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भोपाल में 97 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहा बुजुर्ग दंपती, सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम पर 22 लाख ठगे

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भोपाल में 97 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहा बुजुर्ग दंपती, सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम पर 22 लाख ठगे

फर्जी अधिकारियों ने करोड़ों के लेनदेन और नरेश गोयल केस का डर दिखाया, गिरफ्तारी व संपत्ति जब्ती की धमकी देकर गिरवी रखवाए जेवर

भोपाल। साइबर अपराधियों ने जांच एजेंसियों और सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर भोपाल के एक बुजुर्ग दंपती को ऐसा डराया कि वे करीब 97 दिनों तक ठगों के बनाए डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे रहे। आरोपियों ने दंपती को बताया कि उनके नाम से जुड़े एक बैंक खाते के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है और इसका संबंध जेट एयरवेज के नरेश गोयल से जुड़े मामले से है। गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त किए जाने का भय दिखाकर उनसे गहने गिरवी रखवाए गए और 22 लाख रुपये ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।

मामला भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र का है। पुलिस इसे देश में लंबे समय तक चले डिजिटल अरेस्ट के मामलों में शामिल मान रही है।

दरियागंज थाने का अधिकारी बनकर किया फोन

65 वर्षीय सुवर्णा लक्ष्मी अपने पति नरसिम्हा राव के साथ कोलार के गणपति इन्क्लेव में रहती हैं। सुवर्णा निजी स्कूल का संचालन कर चुकी हैं, जबकि नरसिम्हा राव निजी कंपनी के वित्त विभाग से रिटायर हुए हैं। इसी वर्ष फरवरी में दोनों आंध्र प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव गए थे।

19 मई को सुवर्णा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल पहुंची। फोन करने वाले ने अपना परिचय दिल्ली के दरियागंज थाने के अधिकारी खन्ना के रूप में दिया। उसने दावा किया कि दिल्ली के केनरा बैंक में दंपती के नाम से एक खाता खोला गया है और उसके माध्यम से जेट एयरवेज के नरेश गोयल से जुड़े मामले में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।

इसके बाद आरोपी लगातार दंपती पर दबाव बनाने लगे। उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी गई और कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी। इसी बहाने उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर किया गया।

किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम की धमकी

ठगों ने दंपती से कहा कि यह बेहद संवेदनशील और गोपनीय जांच है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मामले की जानकारी किसी रिश्तेदार या परिचित को दी तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं, नरेश गोयल से जुड़े लोगों से जान का खतरा होने की बात कहकर भी उन्हें भयभीत किया गया।

फोन आने के दो दिन बाद एक महिला ने दंपती से संपर्क किया। उसने खुद को सीआईडी की मुख्य जांच अधिकारी निशा पटेल बताया। महिला ने उनके बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद ठगों ने दंपती की कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश से भी बातचीत कराई।

9 जून को भेजा संपत्ति जब्ती का फर्जी आदेश

ठगी की अगली कड़ी में 9 जून को दंपती के पास संपत्ति जब्त करने का कथित आदेश भेजा गया। इसमें एफडी और सोना-चांदी बेचने अथवा गिरवी रखने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही आरोपियों ने तत्काल 22 लाख रुपये उनके बताए बैंक खाते में जमा करने को कहा।

धमकियों से घबराकर दंपती आंध्र प्रदेश से वापस भोपाल आ गए। 12 जून को उन्होंने कैप्री गोल्ड में अपने जेवर गिरवी रखे और इसके बदले 22 लाख रुपये का लोन लिया। इसके बाद पूरी रकम ठगों के बताए खाते में जमा कर दी गई।

रकम लेने के बाद भी जारी रखा डिजिटल अरेस्ट

22 लाख रुपये मिलने के बाद भी आरोपियों ने दंपती को मुक्त नहीं किया। वे लगातार उन पर नजर रखते रहे और वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव डालते रहे। बाद में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि जमानत की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और संबंधित दस्तावेज कोलार थाने भेज दिए जाएंगे।

बेटी की सहेली ने दस्तावेज देखकर पकड़ा फर्जीवाड़ा

ठगों की ओर से भेजे गए कथित आदेश को दंपती की बेटी ने सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही अपनी सहेली को दिखाया। दस्तावेज की जांच करने के बाद सहेली को पता चला कि आदेश फर्जी है और दंपती साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद 23 अगस्त की रात दंपती कोलार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ठगों से कुछ घंटे की मोहलत लेकर उज्जैन पहुंचे

पुलिस को दिए बयान में ठगी के शिकार नरसिम्हा राव ने बताया कि इस दौरान उन्हें लगातार लग रहा था कि उनके परिवार पर कोई बुरा समय चल रहा है। उन्होंने ठगों से अनुरोध कर सुबह से शाम तक की मोहलत मांगी। इसके बाद दोनों उज्जैन पहुंचे और ग्रह दोष शांत कराने के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान कराया।

करीब तीन महीने तक साइबर अपराधियों के डर और दबाव में रहने के बाद आखिरकार बेटी की सतर्कता से दंपती को सच्चाई का पता चला। इसी के बाद वे डिजिटल अरेस्ट के इस जाल से बाहर निकल पाए।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।