गुरुवार दोपहर 3:50 बजे तक का आंकड़ा, आठ जिलों से बरामद हुईं मृतकों की लाशें; लापता लोगों में पर्यटक और तीर्थयात्री भी शामिल
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 332 हो गई है। नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी वहां के अखबार काठमांडू टाइम्स को दी है। पुलिस के मुताबिक, बाढ़ के बाद लापता लोगों में 30 से अधिक देशों के नागरिक शामिल हैं। यह आंकड़ा गुरुवार दोपहर 3:50 बजे तक का है।
आठ जिलों से बरामद किए गए शव
बाढ़ प्रभावित नेपाल के आठ जिलों में अब तक बड़ी संख्या में शव बरामद किए जा चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चितवन में 121, नवलपरासी ईस्ट में 74, धाडिंग और गोरखा में 29-29, नुवाकोट में 28, तनहुन में 19, रसुवा में 17 और नवलपरासी वेस्ट में 15 शव मिले हैं।
बुधवार की आपदा के बाद गुरुवार सुबह तक मृतकों की संख्या 289 बताई गई थी, लेकिन राहत और बचाव अभियान के दौरान कई और शव मिलने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 332 हो गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रही हैं। जिन इलाकों में अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है, वहां से सेना परिवारों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी है।
लापता लोगों में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी
बाढ़ के बाद लापता लोगों में बड़ी संख्या उन विदेशी नागरिकों की भी बताई जा रही है, जो नेपाल में ट्रैकिंग के लिए पहुंचे थे या पवित्र हिंदू धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे थे।
अलग-अलग सरकारी और संबंधित एजेंसियों की ओर से सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर देखा जा रहा है। इसका कारण जानकारी जुटाने के तरीके, रिपोर्ट दर्ज होने का समय और आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया में अंतर बताया गया है। इसके अलावा आंकड़े एकत्र करने वाले अधिकारियों और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों के बीच समन्वय की कमी भी इसकी एक वजह हो सकती है।
पीटीआई न्यूज ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि लापता लोगों में 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, नेपाल पर्यटन बोर्ड ने गुरुवार को 517 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, इस आंकड़े में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान, रसुवा जिले के 161 निवासी तथा नुवाकोट जिले का एक व्यक्ति शामिल है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की टीमें लगातार लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी के काम में लगी हुई हैं।








