अतिवृष्टि की मार से खरीफ फसलें प्रभावित, किसान चिंतित,सोयाबीन-उड़द में अफलन, अंकुरण व इल्ली का प्रकोप, 42 हजार हेक्टेयर में बोई फसल पर संकट
सागर/मालथौन। लगातार हो रही बारिश ने मालथौन विकासखंड में खरीफ फसलों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जलभराव और लगातार बनी नमी के कारण सोयाबीन, उड़द एवं मूंग की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कहीं सोयाबीन की फलियां काली पड़ रही हैं तो कही फूल झड़ने से अफलन की स्थिति है। वही उड़द एवं सोयाबीन की फसल में इल्ली और 7 फंगस का प्रकोप भी देखा जा रहा है। कई खेतों में तैयार उड़द की फसल अत्यधिक नमी के कारण गलने लगी है। किसानों के अनुसार अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन के पौधों में फूल गिरने से फलियों की संख्या काफी कम रह गई है। कई खेतों में पौधों पर महज दो-चार फलियां ही दिखाई दे रही हैं। लगातार नमी के चलते उड़द की फसल में दाने खराब होने, अंकुरण और कीट प्रकोप की समस्या भी सामने आ रही है। इससे किसानों को उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। मालथौन क्षेत्र के बागोनिया, अंडेला, बेसरा, सुकालीपुरा, तीतरी, इटवा, अमारी, मढ़ैयामाफी, हारदौट एवं जामुनढाना सहित अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से सोयाबीन और उड़द की फसलों में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में मालथौन विकासखंड में करीब 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, उड़द, मूंग सहित अन्य खरीफ फसलों की बोवनी की गई है। इनमें करीब 18,110 हेक्टेयर में सोयाबीन, 19,210 हेक्टेयर में उड़द और 840 हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई गई है। लगातार बारिश के कारण इतने बड़े रकबे में बोई गई फसल की स्थिति को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जलभराव नहीं होने देने की सलाह दी है। साथ ही फसल में फंगस अथवा कीट दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार फंगीसाइड एवं कीटनाशकों का उपयोग करने को कहा गया है। बारिश के बाद पत्ती खाने वाली इल्ली, तना छेदक एवं रस चूसक कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। कृषि वरिष्ठ विस्तार अधिकारी सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े किसान अतिवृष्टि अथवा बाढ़ से फसल को हुये नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। सूचना दर्ज होने के बाद संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा सकता है। कृषि विभाग ने उड़द उत्पादक किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुये तैयार फसल की कटाई करने की सलाह दी है, ताकि खेत में अधिक नमी के कारण तैयार फसल को होने वाले अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सके।
अतिवृष्टि की मार से खरीफ फसलें प्रभावित, किसान चिंतित,सोयाबीन-उड़द में अफलन, अंकुरण व इल्ली का प्रकोप, 42 हजार हेक्टेयर में बोई फसल पर संकट
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by Suraj Sen
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