विवाह में देरी से लेकर दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति के लिए बताए गए उपाय, ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक ने दी जानकारी
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। धर्मसिंधु के अनुसार, यदि तृतीया तिथि मुहूर्त मात्र या उससे भी कम समय के लिए हो, तब भी उसे ग्रहण करने का विधान है। तिथि क्षय के कारण यदि अगले दिन तृतीया उपलब्ध न हो, तो द्वितीया से युक्त तृतीया को मान्य माना जाता है। वहीं, यदि शुद्ध तृतीया अधिक हो, तो पहले दिन की 60 घड़ी वाली तृतीया को छोड़कर अगले दिन चतुर्थी से थोड़ी युक्त तृतीया को ग्रहण करने का विधान बताया गया है। यह निर्णय गणयोग की प्रशस्तता के आधार पर किया जाता है।
हरतालिका तीज का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से इस व्रत का संबंध विवाह, दांपत्य सुख और मनचाहे जीवनसाथी की कामना से भी जोड़ा जाता है।
इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। कई अविवाहित युवतियां भी मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति की इच्छा से हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। धार्मिक परंपराओं में विवाह संबंधी बाधाओं और पति-पत्नी के बीच मतभेद दूर करने के लिए इस दिन शिव-पार्वती की विशेष पूजा तथा कुछ उपाय बताए गए हैं।
विवाह में आ रही रुकावट के लिए ये उपाय
कर्मकांड ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक के अनुसार, जिन लोगों के विवाह में बार-बार अड़चन आ रही है या रिश्ता तय होने के बाद टूट जाता है, वे हरतालिका तीज पर मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर 21 बेलपत्र चढ़ाने के बाद 11 या 21 बार उसकी परिक्रमा करने की मान्यता है। पूजा पूरी होने के बाद मिट्टी के शिवलिंग को बेल के पेड़ के नीचे रखने की परंपरा भी बताई गई है।
विवाह में शीघ्रता की कामना रखने वाली कन्याएं देवी कात्यायनी के मंत्र का जाप भी कर सकती हैं।
मंत्र—
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
इसके अलावा, विवाह में लगातार बाधा आने की स्थिति में किसी कन्या को नए वस्त्र और मिठाई भेंट करना भी शुभ माना गया है। जिन कन्याओं के विवाह में विलंब हो रहा है, वे माता पार्वती को हल्दी की 11 गांठ अर्पित कर अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना कर सकती हैं।
पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाने के लिए उपाय
यदि दांपत्य जीवन में लगातार मतभेद चल रहे हों या पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम कम हो रहा हो, तो हरतालिका तीज की शाम दोनों साथ मिलकर शिव-पार्वती मंदिर में घी के 11 दीपक जला सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दूध में हल्दी या केसर मिलाकर भगवान शिव और माता पार्वती का अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है।
वैवाहिक सुख की कामना से तीज के दिन खीर बनाकर भगवान को भोग लगाने की परंपरा भी बताई गई है। इसके बाद अगले दिन पति-पत्नी दोनों साथ बैठकर प्रसाद के रूप में खीर ग्रहण कर सकते हैं। इसी तरह पत्नी द्वारा पान का बीड़ा तैयार कर भगवान शिव को अर्पित करने और बाद में उसे पति को देने की भी धार्मिक मान्यता बताई जाती है।
अगर पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ रही हो, तो सुहागिन महिलाएं माता पार्वती को चुनरी, नथ, बिछिया और पायल सहित सुहाग की सामग्री अर्पित कर सकती हैं। तीज के दिन पति के हाथों से सिंदूर लगवाने और सुहाग की वस्तुएं धारण करने को भी शुभ माना गया है।
दांपत्य जीवन में सुख, प्रेम और शांति बनाए रखने की कामना से गणेश मंदिर में सूखे मालपुए चढ़ाने की परंपरा भी बताई गई है। हरतालिका तीज पर भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पूरे परिवार की पूजा करने से घर में सुख-शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की कामना की जाती है।
संदर्भ: धर्मसिंधु, पृष्ठ 146-147
कर्मकांड ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक, देवरी बिछुआ — 9936443138








