होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

सौरभ शर्मा मामले में जांच अंतिम चरण में, सितंबर में कोर्ट में पेश हो सकता है आरोप पत्र

सौरभ शर्मा मामले में जांच ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

सौरभ शर्मा मामले में जांच अंतिम चरण में, सितंबर में कोर्ट में पेश हो सकता है आरोप पत्र

100 करोड़ से अधिक की कथित अवैध संपत्ति का मामला, पत्नी समेत 15 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाए जाने की तैयारी

भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े चर्चित भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त संगठन की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सितंबर महीने में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है। फिलहाल अभियोजन स्वीकृति मिलना शेष है।

जांच एजेंसी इस मामले में सौरभ शर्मा के अलावा 15 से अधिक लोगों को भी आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है। इनमें उनकी पत्नी, मां, करीबी सहयोगी शरद जायसवाल, चेतन गौर तथा कुछ अन्य रिश्तेदार और वे लोग शामिल हैं, जिन पर कथित रूप से अवैध कमाई को छिपाने या निवेश करने में सहयोग करने का आरोप है।

हाल ही में जबलपुर हाई कोर्ट से सौरभ शर्मा को मंगलवार को जमानत मिलने के बाद लोकायुक्त संगठन अब जल्द से जल्द अदालत में चालान पेश करने की तैयारी में जुट गया है।

यह मामला 19 दिसंबर 2024 को उस समय चर्चा में आया था, जब लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित घर और कार्यालय पर छापेमार कार्रवाई की थी। इसके अगले दिन आयकर विभाग की टीम ने भोपाल के मेंडोरी गांव में खड़ी एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ 60 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। जांच में यह वाहन सौरभ शर्मा के कारोबारी सहयोगी चेतन गौर के नाम पर पंजीकृत पाया गया।

इसके बाद आयकर विभाग ने इसी वर्ष फरवरी में बरामद सोने और नकदी को बेनामी संपत्ति मानते हुए राजसात कर लिया था। वहीं लोकायुक्त संगठन ने जांच के दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इनमें अधिकांश वे लोग थे, जिनके नाम से संपत्तियों के दस्तावेज छापे के दौरान मिले थे।

सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में मेंडोरी से बरामद करीब 52 किलो सोना, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 38 करोड़ रुपये आंकी गई है, 11 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, भोपाल के अरेरा स्थित घर और कार्यालय से मिले 2 करोड़ 85 लाख रुपये नकद, 234 किलो चांदी की सिल्लियां, विभिन्न जमीनों में निवेश तथा राजगढ़ जिले में मत्स्य पालन से होने वाली आय को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ शर्मा ने कथित तौर पर कुछ संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर भी खरीदी थीं। छापे के दौरान करीब आठ करोड़ रुपये मूल्य की अन्य संपत्तियों की जानकारी भी मिली थी। शुरुआती दौर में चेतन गौर और शरद जायसवाल को इस मामले में आरोपी बनाया गया था।

इस पूरे मामले की जांच केवल लोकायुक्त तक सीमित नहीं रही। लोकायुक्त की कार्रवाई के दो दिन बाद आयकर विभाग ने सोना और नकदी जब्त की थी। इसके बाद राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की खरीद और उसके स्रोत की जांच शुरू की। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी लोकायुक्त की एफआईआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर सौरभ शर्मा से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। दूसरी ओर मध्य प्रदेश पुलिस उनकी अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी अलग से जांच कर रही है।

विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख ने बताया कि मामले में पूछताछ और विवेचना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है तथा जल्द ही न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
error: RNVLive Content is protected !!