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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CMHO, तहसीलदार और पटवारी निलंबित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ...

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CMHO, तहसीलदार और पटवारी निलंबित
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही पर कार्रवाई, बोले- जनता की समस्याओं की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी

छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा दौरे के दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इनमें प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), एक तहसीलदार और एक पटवारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं और जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निलंबित किए गए अधिकारियों में प्रभारी CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े, तहसीलदार सुनैना ब्रम्हे और हल्का नंबर-2 के पटवारी सिद्धांत साहू शामिल हैं।
प्रभारी CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े के खिलाफ कार्रवाई सीमा तुमराम को प्रसूति सहायता राशि का लाभ नहीं मिलने के मामले में की गई। इस संबंध में सीमा ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच के बाद लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए।
इसी तरह परासिया निवासी विनोद बंजारा की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत लंबे समय तक लंबित रहने और उसका निराकरण नहीं होने पर तहसीलदार सुनैना ब्रम्हे के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं, चौरई निवासी गोविंद नायक की शिकायत का निर्धारित समय में समाधान नहीं करने पर पटवारी सिद्धांत साहू को भी निलंबित कर दिया गया।
हर शुक्रवार अधिकारी जाएंगे मैदान में
छिंदवाड़ा के एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अब प्रत्येक शुक्रवार नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित नहीं होंगी। इसके बजाय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हालात का निरीक्षण करेंगे, आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
वर्षों से लंबित पदोन्नति का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। सरकार बनने के बाद इस विषय को प्राथमिकता दी गई और सभी आवश्यक बाधाओं को दूर करते हुए कर्मचारियों को उनका अधिकार दिलाया गया। उन्होंने कहा कि जो काम वर्षों तक नहीं हो सका, उसे सरकार ने कम समय में पूरा करने का प्रयास किया है।
कर्मचारियों की खुशी सरकार की उपलब्धि
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कई विभागों में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया तक वर्षों से नहीं हुई थी। अब जब पदोन्नतियां हो रही हैं तो कर्मचारियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी सरकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अभी बाकी है, उनकी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया तेज करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी विभागों में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में अगले दो वर्षों में 18 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी, जिनमें एक हजार वाहन चालक भी शामिल होंगे। इसके अलावा लगभग सात हजार प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर भर्ती पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि बीते ढाई वर्षों में सरकार करीब एक लाख भर्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में ढाई लाख नई नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में लगातार काम कर रही हैं तथा ऐसे कई फैसले लिए जा रहे हैं, जिन्हें पहले लेने से परहेज किया जाता था।
पूर्व पार्षद स्व. लोकेश डेहरिया के घर पहुंचे मुख्यमंत्री
छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूर्व पार्षद स्वर्गीय लोकेश डेहरिया के निवास भी पहुंचे। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले भोजन करने के बाद टहलने निकले लोकेश डेहरिया को अचानक हृदयाघात आया था, जिससे उनका निधन हो गया था। इस दौरान प्रभारी मंत्री राकेश सिंह और सांसद विवेक साहू भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।
वीआईपी मूवमेंट के दौरान युवक की बिगड़ी तबीयत
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के दौरे और वीआईपी मूवमेंट के दौरान एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां वह बेहोशी की अवस्था में मिला। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक शराब सेवन के कारण उसका ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिर गया था और वह हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में पहुंच गया था।
CMHO डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि यदि अस्पताल पहुंचाने में थोड़ी भी देर होती तो मरीज की जान जा सकती थी। समय रहते उपचार मिलने से उसकी हालत अब स्थिर है और उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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