नारायणी माता मंदिर चोरी का खुलासाः दो आरोपी गिरफ्तार, 4.90 लाख के जेवर बरामद, लूट केस से जुड़ा कनेक्शन, थाने पहुंचे ग्रामीण
सागर/बीना। खिमलासा पुलिस ने नारायणी माता मंदिर में हुई 4.90 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी का शनिवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किये गये जेवर भी बरामद कर लिये हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक उत्तर प्रदेश का निवासी है, जबकि दूसरा खिमलासा क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी ऊधम उर्फ उदम सिंह एक आदतन अपराधी है। वह खिमलासा थाने में दर्ज लूट के एक पुराने मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि 21-22 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने खिमलासा थाना क्षेत्र स्थित नारायणी माता मंदिर को निशाना बनाया था। चोरों ने मंदिर के मुख्य गेट और गर्भगृह के ताले काटकर अंदर प्रवेश किया और माता के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिये थे। चोरी हुये आभूषणों की कीमत करीब 4 लाख 90 हजार रुपये आंकी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मंदिर जैसी धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी को पुलिस ने गंभीरता से लिया। एसपी अनुराग सुजानिया ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया और एसडीओपी बीना अजय सनकत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिये। खिमलासा थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पटेल के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई और लगातार दबिश दी गई। जांच के दौरान पुलिस को ऊधम उर्फ उदम सिंह 34 पिता भगवान दास यादव निवासी ग्राम डोंगरा थाना नाराहट, जिला ललितपुर उत्तर प्रदेश और उसके साथी राजा 31 पिता भगवान सिंह यादव निवासी कंजिया रोड, खिमलासा के बारे में सुराग मिला। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने मंदिर चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर नारायणी माता मंदिर से चोरी किये गये सभी आभूषण बरामद कर लिये गये। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी ऊधम उर्फ उदम सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड है। वह खिमलासा थाने से जुड़े लूट के पुराने मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे उस मामले में भी गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से अन्य साथियों और क्षेत्र में हुई दूसरी मंदिर चोरियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर वारदातों में संलिप्त रहा है और उसके खिलाफ अन्य थानों में भी अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर चोरी और लूट की वारदात में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण खिमलासा थाने के बाहर पहुंच गये। लोगों में मंदिर में हुई चोरी को लेकर काफी नाराजगी थी। ग्रामीणों ने आरोपियों का जुलूस निकालने की मांग की। जुलूस नहीं निकाले जाने को लेकर कुछ देर के लिये लोगों ने सड़क पर जाम भी लगा दिया। बाद में पुलिस ने समझाइश देकर लोगों को शांत कराया और यातायात बहाल कराया गया। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पटेल, संजय प्रजापति, लक्ष्मण साकेत, अरविंद सिंह ठाकुर, अनूप तिवारी, सुभाष, गौरव मीना, दीपक पांडेय, मलखान पाल, भानु प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, राजेन्द्र परिहार, सचिन, जावेद और जितेन्द्र सहित पुलिस टीम की भूमिका रही। एसपी ने कार्यवाही में शामिल टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।








