वन विभाग के प्लांटेशन की रखवाली करने पहुंचा था रामराज अहिरवार, दोनों पैर टूटे; इलाज के दौरान जैसीनगर अस्पताल में तोड़ा दम
सागर। जैसीनगर थाना क्षेत्र के सेनकुआं गांव के जंगल में वन विभाग के प्लांटेशन में पशु चराने को लेकर हुआ विवाद जानलेवा हो गया। भैंस चराने से मना करने पर चौकीदार के बेटे रामराज अहिरवार (32) के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। हमले में रामराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दोनों पैर टूट गए थे और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उसे इलाज के लिए जैसीनगर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक सेवन गांव निवासी गोपाल अहिरवार राहतगढ़ वन रेंज की काली पठार बीट के अंतर्गत सेनकुआं के जंगल में स्थित प्लांटेशन की चौकीदारी करते हैं। शनिवार सुबह करीब 7 बजे गोपाल के कहने पर उनका बेटा रामराज प्लांटेशन की निगरानी के लिए वहां पहुंचा था। इसी दौरान काली पठार गांव के कुछ लोग अपनी भैंसें लेकर प्लांटेशन में चराने पहुंचे।
रामराज ने प्लांटेशन में पशुओं को चराने से मना किया। इसी बात को लेकर वहां विवाद शुरू हो गया। मृतक के पिता गोपाल अहिरवार का आरोप है कि वीर सिंह, सुरेंद्र, राजेंद्र, मंजी और शिवराज यादव ने एक साथ मिलकर रामराज पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में रामराज बुरी तरह घायल हो गया। बाद में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जैसीनगर थाना प्रभारी जेपी ठाकुर के अनुसार, मृतक के पिता गोपाल अहिरवार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, बीट गार्ड पार्थ दुबे ने बताया कि प्लांटेशन में पशु नहीं चराने को लेकर संबंधित लोगों को पहले भी चार-पांच बार समझाइश दी जा चुकी थी। इसके बावजूद वहां पशु चराने का सिलसिला जारी रहा। शनिवार को इसी बात को लेकर विवाद हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारी तहसील कार्यालय और जैसीनगर थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। रामराज अहिरवार की मौत के बाद परिवार में पत्नी और चार छोटे बच्चे रह गए हैं।








