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राजश्री खरीदने के बहाने दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

राजश्री खरीदने के बहाने दुष्कर्म ...

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राजश्री खरीदने के बहाने दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
सागर। जिला न्यायालय सागर के सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्वी के न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी अनिल रजक को दोषी ठहराते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाये जाने के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया। अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि ग्राम भानगढ़ थाना राहतगढ़ निवासी पीड़िता वर्तमान में अपने पति और बच्चों के साथ भोपाल में रहती है। पीड़िता की गांव में किराने की दुकान है। आरोपी अनिल रजक उसकी दुकान पर राजश्री और अन्य सामान खरीदने के बहाने आता था। इसी दौरान उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया और फोन पर बातचीत करने लगा। पीड़िता द्वारा मना करने के बावजूद आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा। अभियोजन के अनुसार एक दिन आरोपी राजश्री खरीदने के बहाने दुकान पर आया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। बाद में आरोपी ने पीड़िता से अश्लील फोटो मांगकर उसे भेजने के लिये दबाव बनाया। पीड़िता द्वारा आरोपी से बातचीत बंद करने के बाद भी वह उसे धमकाता रहा। आरोपी ने फोटो वायरल करने और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर पीड़िता पर दबाव बनाया। मामले में पीड़िता ने अपने पति के साथ थाना अयोध्यानगर, भोपाल में शिकायत दर्ज कराई। वहां धारा 376, 376(2)(एन), 509 एवं 506 भारतीय दंड संहिता के तहत जीरो पर मामला दर्ज किया गया। बाद में प्रकरण को थाना राहतगढ़ भेजा गया, जहां मामले की विवेचना आगे बढ़ाई गई। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान कराये तथा मेडिकल रिपोर्ट सहित 19 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किये। पीड़िता, उसके परिजनों, चिकित्सक एवं पुलिस अधिकारियों के बयान भी कराये गये। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने पैरवी करते हुये साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध मामला प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर आरोपी अनिल रजक को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं 376(2)(एन) के तहत दोषी पाते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने की।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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