विदिशा संसदीय क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर केंद्रीय मंत्री ने जताई नाराजगी, मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से की बात; स्थायी आवास बनने तक भोजन और रहने की व्यवस्था का दिया भरोसा
कोसमी। विदिशा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिवासी बहुल कोसमी गांव में अतिक्रमण हटाने के दौरान आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग और जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी नाराजगी जताई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी।
कोसमी गांव बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आता है। शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद हैं और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी गांव में इसी तरह की कार्रवाई करने का प्रयास किया था। उस समय शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से चर्चा कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं तोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद रविवार को गांव में कार्रवाई की गई, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने आपत्ति जताई।
मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर की बात
शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, गांव पहुंचने के बाद उन्होंने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन लगाया और पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी फोन पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने की जानकारी दी। शिवराज ने कहा कि वह इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी बातचीत करेंगे।
प्रभावित परिवारों के लिए नए घर बनवाने का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने के मामले में जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक प्रभावित परिवारों के रहने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके आवास और भोजन का इंतजाम सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उन्हें इस मुश्किल समय में बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े।
मकानों के साथ आजीविका को नुकसान पहुंचने पर जताई चिंता
शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई के दौरान परिवारों के आशियाने उजड़ने के साथ उनकी आजीविका प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारों के घरों के अलावा उनकी फसलें भी नष्ट हुई हैं। साथ ही, पानी की जरूरत पूरी करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिया गया है।
इन घटनाओं को लेकर उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। मौके पर वन विभाग और जिला प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रभावित परिवारों के रोजगार, रोजमर्रा की जरूरतों और जीवनयापन के साधनों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने और उनके रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।








