बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में दुकानदारों का प्रदर्शन,50 से अधिक दुकानदारों ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध, नुकसान की भरपाई और पुनर्स्थापन की मांग
सागर/मालथौन। टोल प्लाजा के आसपास अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में 50 से अधिक छोटे दुकानदारों ने मालथौन-खिमलासा मार्ग पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को अचानक बताते हुये आरोप लगाया कि इससे उनकी रोजी रोटी छिन गई है। दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई, दुकानों के पुनर्स्थापन तथा क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ और नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। दुकानदारों के अनुसार वे लंबे समय से चाय, नाश्ता, पंचर, फोटो कॉपी, भजिया-समोसा सहित अन्य छोटी दुकानें संचालित कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। उनका आरोप है कि शुक्रवार को प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ टोल प्लाजा क्षेत्र में पहुंचा और बुलडोजर से करीब 50 दुकानों को हटा दिया गया। दुकानदारों का कहना है कि कार्रवाई अचानक होने के कारण कई लोग अपना सामान भी नहीं निकाल सके। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई से दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदारों ने एक से तीन लाख रुपये तक के नुकसान की बात कही। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना आवश्यक था तो उन्हें पूर्व सूचना देकर सामान हटाने और वैकल्पिक व्यवस्था का अवसर दिया जाना चाहिये था। दुकानदारों ने मालथौन-बीना स्टेट हाईवे पर प्रदर्शन करते हुये अपनी मांगें रखी। सूचना मिलने पर तहसीलदार रामप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। दुकानदारों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर नुकसान की भरपाई, पुनः स्थापित करने तथा दुकानों को वापस दिलाने की मांग की। तहसीलदार ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई के लिये भेजा जायेगा। उन्होंने उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिये करीब एक सप्ताह का समय मांगा। आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से जाम हटा लिया। कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर तहसीलदार रामप्रताप सिंह ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उनके स्तर पर मनमाने ढंग से नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिये वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके स्तर से स्वयं निर्णय लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरी ओर प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय छोटे दुकानदारों की आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिये। प्रदर्शन के बाद अब दुकानदारों की नजरें प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।








