स्मार्ट सिटी सागर में सड़कों पर सांडों का आतंक! आपस में भिड़े तो चपेट में आईं दो स्कूटी, बाल-बाल बचे राहगीर
पशु विचरण मुक्त क्षेत्र घोषित होने के बावजूद शहर की सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा, बड़े बाजार में शनिवार दोपहर हुई घटना ने फिर खड़े किए सवाल
सागर। शहर को भले ही पशु विचरण मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा चुका हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। स्मार्ट सिटी सागर की सड़कों पर आज भी आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। कभी सड़क के बीच बैठे मवेशी यातायात बाधित करते हैं तो कभी आपसी संघर्ष के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बन जाते हैं।
इसका ताजा उदाहरण शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़े बाजार इलाके में देखने को मिला। यहां दो सांड अचानक आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा और इस दौरान सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटी उनकी चपेट में आ गईं। सांडों की टक्कर से दोनों स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों सांडों को अलग किया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कोई राहगीर या वाहन चालक घायल नहीं हुआ।
डेयरियों के विस्थापन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
गौरतलब है कि नगर निगम ने शहर के भीतर संचालित डेयरियों को हफसिली क्षेत्र में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की है। इसके बावजूद कई डेयरी संचालक अब भी शहर के अंदर ही पशुओं को रख रहे हैं। नगर निगम समय-समय पर कार्रवाई भी करता है, लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी बनी हुई है।
सुविधाओं का सवाल भी अहम
दूसरी ओर पशुपालकों का कहना है कि हफसिली क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में समस्या का समाधान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकता। नगर निगम को नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ ही पशुपालकों की बुनियादी जरूरतों और समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा।
अब सवाल यह है कि जब सागर को पशु विचरण मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा चुका है, तो शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा आखिर क्यों बना हुआ है? क्या नगर निगम की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी या शहरवासियों को वास्तव में इस समस्या से राहत मिलेगी?








