तेंदूखेड़ा में मानवता की मिसाल बनी मां अन्नपूर्णा रसोई, अब गरीब को भी मिलेगा सम्मान के साथ 10 रुपए में भरपेट भोजन
संस्कृति राज्यमंत्री के पिता दादा भाव सिंह लोधी ने किया शुभारंभ, 51 हजार रुपए की सहयोग राशि दी, 200 से अधिक लोग बने सदस्य – सुंदरकांड, गायत्री महायज्ञ और कन्या भोज के साथ हुई शुरुआत
तेंदूखेड़ा। शुक्रवार को नगर तेंदूखेड़ा में गरीब, मजदूर, किसान और जरूरतमंद लोगों के लिए एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की शुरुआत हुई है नगर में मां अन्नपूर्णा रसोई का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस रसोई के माध्यम से अब कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति मात्र 10 रुपए में भरपेट भोजन और शुद्ध पेयजल प्राप्त कर सकेगा। इस जनहितकारी और पुनीत पहल से नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में खुशी और संतोष का माहौल है।
जन्मदिन की भावना से शुरू हुआ जनसेवा का बड़ा अभियान
इस अन्नपूर्णा रसोई की शुरुआत के पीछे एक बेहद पवित्र सोच, समाज के प्रति जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की सेवा का भाव जुड़ा हुआ है मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के अनुज सतेंद्र सिंह लोधी के जन्मदिन के अवसर पर गरीबों को भोजन कराने की भावना आई
उन्होंने अपने जन्मदिन को यादगार और सार्थक बनाने के लिए जबेरा विधानसभा क्षेत्र में ऐसी रसोई शुरू करने का संकल्प लिया था, जहां गरीब व्यक्ति भी सम्मान के साथ भरपेट भोजन कर सके उसी संकल्प और सेवा भावना के फलस्वरूप आज तेंदूखेड़ा में इस रसोई की शुरुआत हुई है जो विचार एक छोटे से जन्मदिन के कार्यक्रम से शुरू हुआ था, आज वह जनसेवा के एक बड़े अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है
सुबह सुंदरकांड से लेकर दोपहर कन्या भोज तक, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुभारंभ
शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 9, जनपद मार्ग पर स्थित अन्नपूर्णा रसोई के शुभारंभ से पहले पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह 8 बजे मंगल भवन में रामायण सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वातावरण भक्तिमय हो गया इसके बाद सुबह 10 बजे से गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासियों ने आहुतियां देकर नगर की सुख-समृद्धि और रसोई के सफल संचालन की कामना की। दोपहर 12 बजे छोटी-छोटी कन्याओं के पैर पखार कर उनका पूजन किया गया और उन्हें कन्या भोज कराया गया। मान्यता है कि कन्या भोज के बाद शुरू किया गया कोई भी पुनीत कार्य सफल होता है
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें संस्कृति राज्यमंत्री के पिता दादा भाव सिंह लोधी ने फीता काटकर मां अन्नपूर्णा रसोई का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान नगर के जनप्रतिनिधि, जनपद पंचायत के सदस्य, नगर परिषद के पार्षद, समाजसेवी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे
51 हजार का दान, 200 से अधिक सदस्य जुड़े, लोगों में उत्साह
रसोई के संचालन में सहयोग करते हुए दादा भाव सिंह लोधी ने 51 हजार रुपए की सहयोग राशि दान के रूप में प्रदान की है। उनके इस नेक कदम ने अन्य लोगों को भी इस सेवा कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है खास बात यह है कि इस पुनीत कार्य में अब तक 200 से अधिक लोग सदस्य बनकर अपना सहयोग देने के लिए आगे आए हैं। प्रतिमाह सहयोग राशि और श्रमदान से यह रसोई संचालित होगी। लोगों की बढ़ती सहभागिता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अन्नपूर्णा रसोई का संचालन निरंतर और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और यह कभी बंद नहीं होगी।
*मजदूर, किसान और विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी रसोई*
तेंदूखेड़ा विकासखंड मुख्यालय होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अपने आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इनमें खेतों में काम करने वाले मजदूर, अपनी फसल बेचने या अन्य कार्यों से आने वाले किसान, छोटे व्यापारी और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग शामिल हैं। कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें बाजार में 80 से 100 रुपए में मिलने वाला भोजन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है और वे भूखे ही काम चलाने को मजबूर हो जाते हैं।
वहीं नगर के बाहर से आकर स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए भी यह अन्नपूर्णा रसोई काफी मददगार साबित होगी। कम खर्च में भरपेट और घर जैसा भोजन मिलने से विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें अपने बच्चों के भोजन की चिंता नहीं सताएगी।
*सिर्फ भोजन नहीं, सेवा और सम्मान का संदेश*
अन्नपूर्णा रसोई का उद्देश्य केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ, स्वच्छ वातावरण में बैठाकर, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन की सुविधा देना भी है। 10 रुपए में भरपेट भोजन की व्यवस्था उन लोगों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, जिन्हें रोजी-रोटी और दैनिक खर्च के बीच भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है
आज के समय में जब महंगाई के चलते आम आदमी के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौती बनता जा रहा है, ऐसे में मात्र 10 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय और अनुकरणीय है। 200 से अधिक सदस्यों का जुड़ना इस बात का संकेत है कि नगर के लोग भी इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं निश्चित रूप से अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से तेंदूखेड़ा में सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। यदि इसी तरह समाज के सक्षम लोग आगे आकर सहयोग करते रहे तो यह रसोई आने वाले समय में हजारों जरूरतमंदों के लिए सहारा बन सकती है। एक छोटी सी पहल, किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने का बड़ा माध्यम बन सकती है, यही अन्नपूर्णा रसोई का सबसे बड़ा उद्देश्य है








