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मेरठ का यहगांव दहशत में : ‘न्यूड गैंग’ की चौथी वारदात, महिलाएं खेतों के रास्ते जाने से डरने लगीं

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मेरठ का यहगांव दहशत में : ‘न्यूड गैंग’ की चौथी वारदात, महिलाएं खेतों के रास्ते जाने से डरने लगीं

मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के सिवाया टोल प्लाजा से महज दो किलोमीटर भीतर बसे भराला गांव में इन दिनों खौफ का माहौल है। वजह है एक रहस्यमयी गैंग, जिसे ग्रामीण “न्यूड गैंग” के नाम से पहचान रहे हैं। यह गैंग पूरी तरह निर्वस्त्र होकर खेतों के सुनसान रास्तों पर महिलाओं को निशाना बनाता है। पिछले कुछ दिनों में चौथी घटना सामने आने के बाद लोगों के मन में डर और गहराता जा रहा है।

खेत में महिला को खींचने की कोशिश

शनिवार को गैंग के दो लोगों ने खेत से गुजर रही एक महिला पर हमला कर उसे खींचने की कोशिश की। गनीमत रही कि उसी वक्त वहां से गुजर रही स्कूल बस के ड्राइवर और गार्ड ने शोर मचाकर महिला को बचा लिया। घटना में महिला को चोटें भी आईं। पुलिस मौके पर पहुंची और ड्रोन की मदद से खेतों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।

ग्रामीणों में दहशत, मेहमान भी आने से कतराने लगे

गांव के हरेंद्र नामक निवासी ने बताया कि यह चौथी वारदात है। महिलाओं और छात्राओं ने खेतों से होकर गुजरना लगभग बंद कर दिया है। यहां तक कि रिश्तेदार और मेहमान भी गांव आने से बचने लगे हैं। लोग अब सुनसान गलियों की बजाय लंबा रास्ता चुनकर आना-जाना पसंद कर रहे हैं।

ग्राम प्रधान बोले– अब मजाक नहीं, हकीकत है

ग्राम प्रधान राजेंद्र का कहना है कि पीड़िता ने साफ बताया कि हमलावर दोनों युवक पूरी तरह निर्वस्त्र थे। शुरुआती घटनाओं को गांव वालों ने शरारत समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन अब मामला गंभीर हो चुका है। पुलिस ग्रामीणों के साथ मिलकर लगातार कॉम्बिंग कर रही है।

महिलाएं खौफ में, ग्रामीण लाठी-डंडों से पहरेदारी कर रहे

गांव की महिलाएं अब खेतों की राह छोड़ चुकी हैं। छात्राओं ने अपने स्कूल आने-जाने के रास्ते बदल लिए हैं। ग्रामीण हथियारों से लैस नहीं हैं, लेकिन लाठी-डंडों के सहारे पहरा दे रहे हैं। माहौल ऐसा है कि हर कोई न्यूड गैंग के जल्द पर्दाफाश की मांग कर रहा है।

पुलिस ने दो एंगल से शुरू की जांच

पुलिस को इस मामले में दो पहलू नजर आ रहे हैं—

1. स्कूल विवाद का शक: किसी शिक्षक या छात्र से विवाद के चलते युवाओं द्वारा डर फैलाने की कोशिश।

2. पंचायती चुनाव का एंगल: राजनीतिक फायदे के लिए गांव में भय का माहौल बनाना।

सूत्रों का कहना है कि अब गांव में लोग एक-दूसरे पर शक करने लगे हैं और शिकायतें भी बढ़ने लगी हैं।

पुलिस की सख्ती: सीसीटीवी और ड्रोन की मदद

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वास्तविक रूप से केवल एक घटना दर्ज हुई है। आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें बनाई गई हैं। गांव और रास्तों पर सात सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है। खेतों और गलियों में ड्रोन से तलाशी अभियान चल रहा है। गश्त भी बढ़ा दी गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिलाओं की मदद से स्केच भी तैयार कराए जाएंगे।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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