पावर प्लांट में कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने से मौत,परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा, मुआवजे और नौकरी की मांग
सागर/बीना। जेपी थर्मल पावर प्लांट में नाइट ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। रविवार को बीना सिविल अस्पताल में उन्होंने हंगामा किया और मुआवजे व नौकरी की मांग की। परिजनों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही। इस वजह से करीब पांच घंटे तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया रुकी रही। मृतक की पहचान सिरचोपी गांव निवासी कमल पवार 50 के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 12 साल से थर्मल पावर प्लांट में काम कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक रविवार सुबह करीब 4 बजे नाइट ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। कमल ने फोन पर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और फिर घर के लिये निकले। परिजनों का कहना है कि सिरचोपी से बीना की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। सड़क खराब होने के कारण अस्पताल पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया। बीना सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कमल को मृत घोषित कर दिया। कमल की मौत की खबर मिलते ही उनके बेटे राजदीप पवार समेत बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण सिविल अस्पताल पहुंच गये। परिजनों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने इस घटना के बाद परिवार के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने सवाल उठाया कि 12 साल तक कंपनी में सेवा देने वाले कर्मचारी के परिवार को तत्काल आर्थिक मदद और रोजगार मिलना चाहिये। परिजनों के मुताबिक कंपनी के कुछ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिये 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी, साथ ही मुआवजे को लेकर सोमवार को चर्चा करने की बात कही गई। इस पर परिजन नाराज हो गये और उन्होंने तत्काल निर्णय लेने की मांग की। हंगामे की सूचना मिलने पर पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता इंदर सिंह ठाकुर भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा की और उनकी मांगों का समर्थन किया। ठाकुर ने कंपनी प्रबंधन से वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर परिजनों के साथ बातचीत कर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कंपनी में सेवाएं देने वाले कर्मचारी के परिवार को संकट की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को सामने आकर बातचीत करनी चाहिये। कंपनी की ओर से तत्काल निर्णय नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। वे मृतक का शव थर्मल पावर प्लांट ले जाने की तैयारी करने लगे। इसकी सूचना पुलिस को मिली। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और परिजनों से बातचीत की। इसके बाद शव को प्लांट ले जाने का कार्यक्रम रोक दिया गया। अस्पताल परिसर में इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुये पुलिस बल भी तैनात रहा। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों, ग्रामीणों, कंपनी प्रतिनिधियों और अन्य लोगों से बातचीत की। काफी देर तक चली चर्चा के बाद मामले में सहमति बनी। सहमति के अनुसार एक लाख रुपये की राशि मृतक के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही मृतक की पत्नी को पेंशन देने और पुत्र को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। इन आश्वासनों के बाद परिजनों ने अपना विरोध समाप्त किया और पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी। पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी होने के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव अंतिम संस्कार के लिये परिजनों को सौंप दिया।
पावर प्लांट में कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने से मौत,परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा, मुआवजे और नौकरी की मांग
पावर प्लांट में कर्मचारी की ...
by Suraj Sen
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